तस्वीर में भीलवाड़ा के कमला विहार स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में गणपति बप्पा के दरबार के सामने पूजा-अर्चना और कीर्तन के दौरान उपस्थित महिला श्रद्धालु नजर आ रही हैं.   

भीलवाड़ा। कमला विहार स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में लगातार तीन वर्षों से चल रहे प्रातःकालीन कीर्तन के क्रम में श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा के दरबार में पूजा-अर्चना कर भक्ति गीत प्रस्तुत किए। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच भजनों और गणपति बप्पा के जयकारों की गूंज सुनाई दी।

प्रवक्ता अंकित सोमानी ने बताया कि श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश के समक्ष पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और मंगल की कामना की। मंडल की लीला चेचाणी ने बताया कि प्रातःकालीन कीर्तन की धार्मिक परंपरा पिछले तीन वर्षों से लगातार जारी है। इसी क्रम में आयोजित कीर्तन में भक्तों ने गणपति बप्पा के समक्ष विभिन्न भजनों की प्रस्तुति दी।

कीर्तन के दौरान “लड्डू वाला गोल-मटोल”, “झीनी-झीनी उड़े रे गुलाल”, “गोरा तेरो लाला बिगड़ गयो रे” तथा “सांवरे ने ऐसी मुरली बजाई रे” सहित अनेक भजनों की गूंज से मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया। भजनों की धुनों पर महिला एवं पुरुष भक्तों ने उत्साहपूर्वक नृत्य किया और भगवान गणेश के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। भक्त भजनों पर झूमते हुए गणपति बप्पा के जयकारे लगाते रहे।

श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा से प्रार्थना की कि वे प्रत्येक भक्त के घर में विराजमान होकर सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली प्रदान करें। भक्तों ने सामूहिक रूप से गणपति बप्पा की आराधना करते हुए उनके चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की। कीर्तन के दौरान मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। भक्ति गीतों और सामूहिक नृत्य से मंदिर परिसर का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।

इस अवसर पर भंवर कमर, शोभा, सुनीता, अनीता, सूरज, सुमन, प्रतीक्षा, कृष्णा, चंदा, सुधा, सीता सहित अनेक भक्त उपस्थित रहे। सभी श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और नियमित प्रातःकालीन कीर्तन की इस परंपरा को आगे भी इसी श्रद्धा और उत्साह के साथ जारी रखने का संकल्प लिया।

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