खनन माफिया का कहर: गोकुलपुरा स्कूल के पास अवैध ब्लास्टिंग से दहले ग्रामीण, कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन
गोकुलपुरा स्कूल के पास अवैध ब्लास्टिंग से ग्रामीणों में आक्रोश है। बच्चों की सुरक्षा और अतिक्रमण के मुद्दे पर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया गया।
तस्वीर में भीलवाड़ा कलेक्ट्रेट के बाहर हाथ उठाकर विरोध प्रदर्शन करते गोकुलपुरा के ग्रामीण।
भीलवाड़ा। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, गोकुलपुरा के समीप कथित रूप से चल रहे अवैध खनन और बारूद के धमाकों से आक्रोशित ग्रामीण सोमवार को बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर खनन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और विरोध प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय भवन से महज 200 फीट की दूरी पर खुलेआम अवैध खनन किया जा रहा है। खनन के दौरान की जाने वाली अवैध ब्लास्टिंग से बड़े-बड़े पत्थर और मलबे के टुकड़े उड़कर स्कूल के खेल मैदान और बच्चों की आवाजाही वाले रास्तों पर गिरते हैं। इससे स्कूली बच्चों की जान पर हर समय गंभीर खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों ने बताया कि खनन गतिविधियों के कारण स्कूल का खेल मैदान मलबे से पाटकर नष्ट कर दिया गया है। इसके अलावा चारागाह भूमि पर भी अवैध कब्जा कर लिया गया है, जिससे मवेशियों के चरने की व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। ग्रामीणों के अनुसार, आमजन के श्मशान घाट जाने वाले रास्ते को भी खनन माफिया ने बंद कर दिया है। इससे क्षेत्र में भारी असंतोष व्याप्त है।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अवैध खनन और कब्जे का विरोध करने पर खनन माफिया अपने रसूख और दबंगई के बल पर ग्रामीणों से गाली-गलौज और मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। ग्रामीणों को जान से मारने और झूठे मुकदमों में फंसाने की खुलेआम धमकियां दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि अविलंब अवैध खनन बंद नहीं कराया गया, चारागाह भूमि और खेल मैदान से अतिक्रमण नहीं हटाया गया तथा बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो समस्त ग्रामवासी उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होने की चेतावनी दी है।