गंगापुर। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गंगापुर श्री अमित दवे ने चेक अनादरण के मामले में आरोपी किशनलाल पिता उदयराम गुर्जर, निवासी मेलूनी (गंगापुर), जिला भीलवाड़ा को दोषी मानते हुए दो वर्ष के साधारण कारावास और 13 लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय ने यह निर्णय 6 अक्टूबर 2026 को सुनाया।

मामले के अनुसार परिवादी अर्जुन पिता बद्रीलाल जाट, निवासी लाखोला तहसील सहाड़ा से आरोपी किशन गुर्जर ने 10 लाख रुपए उधार प्राप्त किए थे। उधार राशि की पुनः अदायगी के लिए आरोपी ने परिवादी को एक चेक दिया था। परिवादी अर्जुन जाट ने उक्त चेक को भुगतान के लिए बैंक में प्रस्तुत किया, लेकिन आरोपी के खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण चेक अनादरित हो गया।

चेक अनादरित होने के बाद परिवादी अर्जुन जाट ने अपने अधिवक्ता रामेश्वर लाल जाट के माध्यम से आरोपी किशन गुर्जर के विरुद्ध अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गंगापुर की अदालत में परिवाद प्रस्तुत किया। न्यायालय ने मामले में आरोपी को तलब किया और दोनों पक्षों की सुनवाई की। साक्ष्यों एवं अंतिम बहस के बाद न्यायालय ने 6 अक्टूबर 2026 को अपना निर्णय सुनाया।

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गंगापुर श्री अमित दवे ने आरोपी किशनलाल पिता उदयराम गुर्जर को चेक अनादरण का दोषी मानते हुए दो वर्ष के साधारण कारावास और 13 लाख रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई।

परिवादी अर्जुन जाट की ओर से अधिवक्ता रामेश्वर लाल जाट ने पैरवी की। न्यायालय के इस निर्णय के साथ 10 लाख रुपए की उधार राशि से जुड़े चेक अनादरण मामले में आरोपी को कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई गई।

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