भीलवाड़ा: निजी बस एसोसिएशन ने नगर निगम को सौंपा ज्ञापन, PM EV बसों के रूट नियमों के पालन की मांग
निजी संचालकों का आरोप है कि पीएम ईवी बसें निर्धारित 15 किमी सीमा से अधिक दूरी तक चल रही हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है।
तस्वीर में भीलवाड़ा के निजी बस संचालक एक साथ खड़े होकर प्रदर्शन के दौरान पोज देते हुए।
गंगापुर, भीलवाड़ा। प्रधानमंत्री योजना के तहत संचालित की जा रही पीएम ईवी बसों के रूट एवं समय सारणी को निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित करने की मांग को लेकर निजी बस एसोसिएशन ने परिवहन विभाग एवं नगर निगम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। निजी बस संचालकों ने ईवी बसों के संचालन की निर्धारित सीमा, रूट-चार्ट, समय सारणी और परमिट के नियमों का पालन कराने की मांग उठाई।
निजी बस एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र मोगरा ने बताया कि पीएम ईवी बसों के संचालन के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार 15 किलोमीटर के दायरे में ही बसों का संचालन किया जाना है। आरोप है कि नियमों की अनदेखी करते हुए ईवी बसों का संचालन 15 किलोमीटर से अधिक दूरी तक किया जा रहा है। यह दूरी करीब 45 किलोमीटर तक पहुंचने का भी आरोप लगाया गया है। कुछ मार्गों पर बिना निर्धारित समय सारणी एवं परमिट के बसों के संचालन का भी आरोप लगाया गया है।
ज्ञापन में बताया गया कि जिन मार्गों पर ईवी बसों का संचालन किया जा रहा है, वहां पहले से ही परमिट प्राप्त निजी बसें निर्धारित समय सारणी के अनुसार संचालित हो रही हैं और यात्रियों को परिवहन सुविधा उपलब्ध करा रही हैं। निजी बस संचालकों का कहना है कि वे करीब 1 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से जनता को सेवा उपलब्ध करा रहे हैं।
एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि नगर निगम आयुक्त हेमाराम चौधरी एवं जिला परिवहन अधिकारी रामकिशन चौधरी द्वारा जनप्रतिनिधियों के दबाव में पीएम ईवी बसों को निर्धारित परमिट एवं रूट से हटकर अन्य मार्गों पर संचालित किया जा रहा है। आरोप यह भी है कि सीमा अवधि पार होने के बावजूद तथा एक ही रूट पर एक वाहन को बार-बार लगाया जा रहा है।
निजी बस संचालकों के अनुसार ईवी बसों के इस प्रकार संचालन से निजी मोटर मालिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। आर्थिक संकट के कारण समय पर राजस्व कर जमा करने में भी परेशानी हो रही है। इससे निजी बसों पर निर्भर परिवारों के सामने भी आर्थिक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।
ज्ञापन में पीएम ईवी बसों को ऐसे मार्गों पर संचालित करने की मांग की गई, जहां वर्तमान में यात्रियों के लिए पर्याप्त परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं है। साथ ही ईवी बसों का संचालन परिवहन विभाग के निर्धारित नियमों के अनुसार 15 किलोमीटर की सीमा में तथा निर्धारित रूट-चार्ट और समय सारणी के अनुसार ही करने की मांग की गई।
इस दौरान राजेंद्र मोगरा, कैलाश जाट, रमेश शर्मा, कालू पंडित, दिलीप शर्मा, रतन डोबा, भंवर खटीक, फरीद मोहम्मद, असलम शेख, महेश त्रिवेदी, बजरंग सिंह राठौड़, हेमेंद्र राठौर, तोमर अहीर, अल्ताफ मेवाती एवं रतन खटीक, कालू मूंदड़ा सहित निजी बस संचालक मौजूद रहे।