तस्वीर में भीलवाड़ा में आयोजित तुलसी शालिग्रामजी विवाह महामहोत्सव की बैठक में उपस्थित श्रद्धालु दिख रहे हैं।

धर्मनगरी भीलवाड़ा में 17 से 20 नवंबर तक मेडिसिटी ग्राउंड, आजाद नगर में आयोजित होने वाले 16108 श्री तुलसी शालिग्रामजी विराट विवाह महामहोत्सव की तैयारियों ने गति पकड़ ली है। आयोजन को लेकर रविवार को मालियों के शिव मंदिर में विशाल जनमानस बैठक हुई, जिसमें सैकड़ों भक्तों एवं श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

बैठक में 16108 धर्म माता-पिता एवं यजमान मनोरथी पंजीयन की अंतिम तिथि 20 सितंबर निर्धारित किए जाने की जानकारी दी गई। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि जो परिवार इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन में धर्म माता-पिता के रूप में सहभागी बनना चाहते हैं, वे निर्धारित अंतिम तिथि से पूर्व अपना पंजीयन करवाएं।

बैठक को संबोधित करते हुए आयोजन के सूत्रधार पं. विष्णुश्री कृष्णतनय जी महाराज ने कहा कि 16108 श्री तुलसी शालिग्रामजी विवाह महामहोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, सामूहिक श्रद्धा और सामाजिक सहभागिता का विराट उत्सव है। उन्होंने अधिक से अधिक परिवारों से इस पुण्य आयोजन से जुड़ने का आह्वान किया।


 


बैठक में कार्यक्रम अध्यक्ष राधेश्याम चेचाणी, एडवोकेट राजेन्द्र कचौलिया, मंजू पोखरना, संयोजक एस.एन. गग्गड़, आचार्य योगेंद्र, चंद्रशेखर शर्मा, मनोज शर्मा गोटे वाले, हनुमान अग्रवाल, अनिल पारीक, रजनीकांत आचार्य, नंदकिशोर जोशी, छगन जैन, कैलाश तोतला, हंसराज अटारिया, ओमप्रकाश मिश्रा, जी.एल. गुप्ता, अल्का जोशी सहित कार्यकारिणी सदस्य एवं बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष भक्तजन उपस्थित रहे।

आयोजन समिति ने बताया कि इस विराट विवाह महामहोत्सव में देशभर से श्रद्धालुओं के सम्मिलित होने की संभावना है। बैठक के दौरान पंजीयन अभियान को गति देने तथा अधिक से अधिक परिवारों को आयोजन से जोड़ने को लेकर कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। संचालन प्रेम प्रकाश पुरोहित ने किया।

16108 श्री तुलसी शालिग्रामजी विवाह महामहोत्सव की तैयारियों के बीच धर्म माता-पिता एवं यजमान मनोरथी पंजीयन के लिए 20 सितंबर की अंतिम तिथि निर्धारित होने से आयोजन से जुड़ने के इच्छुक परिवारों के लिए अब पंजीयन प्रक्रिया महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है।

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