पर्युषण महापर्व में भक्ति का रंग: मनीष सोनी के भजनों पर झूमे श्रद्धालु, संवत्सरी पर विशेष आयोजन
भीलवाड़ा के श्री संभवनाथ जैन मंदिर में पर्युषण महापर्व पर भक्ति संध्या में मनीष सोनी के भजनों पर झूमे श्रद्धालु, संवत्सरी पर होंगे विशेष आयोजन।
तस्वीर में श्री संभवनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर में स्थापित जिनेन्द्र भगवान की प्रतिमा दिख रही है।
पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व की आठ दिवसीय आराधना के तहत बापूनगर स्थित श्री संभवनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ विभिन्न धार्मिक एवं भक्ति कार्यक्रम श्रद्धाभाव से आयोजित किए जा रहे हैं। सुबह और शाम भगवान की पूजा-अर्चना हो रही है, वहीं शाम ढलने के बाद रात 8.15 बजे से उपासरे में प्रभु भक्ति से ओतप्रोत गीतों और भजनों की गूंज सुनाई दे रही है। यहां भीलवाड़ा के प्रसिद्ध गायकों द्वारा भव्य भक्ति संध्या का आयोजन किया जा रहा है। पर्युषण के अंतिम दिन संवत्सरी महापर्व पर मंगलवार को परमात्मा की विशेष अंगरचना, भक्ति संध्या एवं बहुमान कार्यक्रम आयोजित होगा।
पर्युषण के छठे दिवस रविवार रात आयोजित भजन संध्या में मनीष सोनी के भजनों ने ऐसा भक्तिमय वातावरण बनाया कि श्रद्धालु प्रभु भक्ति में झूम उठे। उन्होंने ‘मैने तेरे ही भरोसे महावीर’, ‘मेरे मन में पारसनाथ’, ‘भक्ति की है रात’, ‘पारस प्यारो लागे’, ‘मैं जैन हूं यहीं पहचान है’, ‘साथी हमारा कौन बनेगा’, ‘भैरूजी मासु बोलो बतलावों जी’, ‘दीवाना तेरा आया बाबा तेरी नगरी में’, ‘म्हारी पद्मावती मैया’ और ‘तेरा दर तो हकीकत में खुशियों का खजाना है’ सहित विभिन्न भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मनीष सोनी ने गायक गणेश (लंकेश) सुराणा के साथ जुगलबंदी में ‘तु कितनी अच्छी है’ भजन प्रस्तुत किया, जिससे भक्त भावविभोर हो गए। भजन संध्या की शुरुआत गोविन्द गुरावा ने महामंत्र नवकार की प्रस्तुति से की। भक्ति संध्या के समापन पर प्रभु की बधाई गणेश सुराणा ने ली। चढ़ावे की प्रक्रिया एवं मंच संचालन कुलदीप गुगलिया ने किया। मनीष सोनी का बहुमान कर स्वागत सुशील रांका, विवेक खाब्या एवं मनोज महात्मा ने किया। देर रात तक चली भक्ति संध्या में शामिल होने के लिए भीलवाड़ा के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में भक्तगण पहुंचे।
श्री संभवनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर समिति के तत्वावधान में पर्युषण के सातवें दिन सोमवार को पक्षाल व केसर पूजा एवं अंगरचना का लाभ संजयकुमार, विजयकुमार, हर्ष और कल्प लोढ़ा परिवार ने प्राप्त किया। परमात्मा की प्रातःकालीन आरती एवं मंगल दीपक का लाभ हेमंत सेठिया परिवार, बड़ीसादड़ी ने पाया। नाकोड़ा भैरूजी देव एवं पद्मावती माता की आरती का लाभ रोहित बापना परिवार ने लिया।
इसी तरह सायंकालीन भगवान की आरती एवं मंगलदीपक का लाभ सपना विपिन संकलेचा परिवार ने तथा नाकोड़ा भैरव देव एवं पद्मावति माता की आरती का लाभ सुनीलकुमार, राकेशकुमार भंसाली परिवार ने प्राप्त किया। परमात्मा की पूजा करने वाले बच्चों की प्रभावना के लाभार्थी प्रेमचंद गुगलिया परिवार रहा। अंगरचना बनाने में दिनेश जी गोलेछा, संजय लोढ़ा, संयम कर्णावत, खुशी मेहता, युग कांवड़िया और साक्षी आंचलिया का सहयोग रहा।
प्रतिदिन पर्युषण पर्व की व्यवस्थाओं में बलवंत मेहता, मनीष बापना, दिनेश गोलेछा, अनिल विश्लोत, विवेक खाब्या, संजय लोढ़ा, पवन लोढ़ा, सुनील कर्णावट, अग्रज बिरानी, दिलीप जैन, नमन गोलेछा, साक्षी आंचलिया, युग कावड़िया, संयम कर्णावट, सुशील रांका, सुनीता खाब्या और आशीष खाब्या का विशेष सहयोग मिल रहा है।
मंदिर समिति की संरक्षक सुशीलादेवी सिंघवी, बलवंतसिंह मेहता, अध्यक्ष मनीष बापना, उपाध्यक्ष गुणवंतलाल जैन, मंत्री दिनेश गोलेछा, सहमंत्री कुलदीप गुगलिया और कोषाध्यक्ष अनिल बिसलोत सहित पदाधिकारियों ने सभी श्रद्धालुओं से संवत्सरी महापर्व पर होने वाले कार्यक्रमों में पधारकर कर्मों की निर्जरा करने और भक्ति का आनंद लेने का आग्रह किया है।