तस्वीर में फूलों की मालाओं से सजे जैन मंदिर के गर्भगृह में स्थापित भगवान की प्रतिमाएं दिख रही हैं।

भीलवाड़ा, 11 सितम्बर। पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व की आठ दिवसीय आराधना के तहत बापूनगर स्थित श्री संभवनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना हुआ है। मंदिर में दिनभर भगवान की पूजा-अर्चना और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम हो रहे हैं, वहीं शाम ढलते ही उपासरे में भक्ति के स्वर गूंज रहे हैं। प्रतिदिन रात 8.15 बजे से भीलवाड़ा के प्रसिद्ध गायकों द्वारा भव्य भक्ति संध्या का आयोजन किया जा रहा है।

पर्युषण के चौथे दिन शुक्रवार को पक्षाल एवं केसर पूजा के लाभार्थी राजमल-मंजू, अमित-प्रियंका, निधि, पलक्ष सिन्दुरिया परिवार रहे। प्रातःकालीन आरती एवं मंगलदीपक के लाभार्थी विजयसिंह ऋषभ कोठारी परिवार रहे। प्रातःकालीन श्री नाकोड़ा भैरव देव एवं पद्मावती माता की आरती के लाभार्थी राहुलकुमार ऋतिक लोढ़ा परिवार रहे।


भगवान की अंगरचना के लाभार्थी घिसीबाई भंवरलाल, विमल भाई नागौत्रा (सोलंकी) परिवार रहे। संध्याकालीन आरती एवं मंगल दीपक के लाभार्थी अशोककुमार आशीषकुमार खाब्या परिवार रहे। संध्याकालीन श्री नाकोड़ा भैरव देव एवं पद्मावती माता की आरती के लाभार्थी सुरेन्द्र, सत्येन्द्र, सिद्धार्थ चौरड़िया परिवार रहे। परमात्मा की पूजा करने वाले बच्चों की प्रभावना के लाभार्थी प्रेमचंद गुगलिया परिवार रहे।

अंगरचना में भगवान का फूलों से विशेष श्रृंगार किया गया। अंगरचना बनाने में संजय लोढ़ा, जितेन्द्र आंचलिया, दिनेश गोलेछा, साक्षी आंचलिया, संयम कर्णावट, खुशी मेहता, अरिहन्त गोलेछा आदि ने सहयोग किया।

पर्युषण के तीसरे दिन गुरुवार रात आयोजित भजन संध्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान की भक्ति की। मंगलाचरण के साथ भक्ति संध्या का आगाज हुआ। संगीतकार संजय भाणावत ने ‘भक्ति की है रात’, ‘छाए काली घटाए तो क्या’, ‘खुशियां पता पूछती मेरा ढूंढती है घर’, ‘नाकोड़ा के पारस नाथ’, ‘पलके ही पलके हम बिछाएंगे’, ‘ओ तारण हारे नाकोड़ा वाले’ और ‘साथी हमारा कौन बनेगा’ जैसे भजनों की प्रस्तुति देकर भक्तों को भावविभोर कर दिया।

गोविन्द गुरावा ने ‘पद्मावती मैया पधारो आंगणे’, ‘नाकोड़ा के भेरू दादा’ और ‘परमात्मा बनी जासे म्हारी आत्मा’ भजन प्रस्तुत किए। चढ़ावे एवं मंच संचालन कुलदीप गुगलिया ने किया। शनिवार को भगवान के जन्मकल्याणक के अवसर पर भव्य चौदह स्वप्न का भक्तिमय कार्यक्रम आयोजित होगा।

श्री संभवनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर समिति के अध्यक्ष मनीष बाफना ने बताया कि पर्युषण महापर्व के दौरान प्रतिदिन सुबह 7 बजे से मंदिर में पक्षाल एवं केसर पूजा तथा परमात्मा की अंगरचना की जा रही है। प्रातःकालीन आरती सुबह 9 बजे से और संध्याकालीन आरती रात 8 बजे हो रही है। मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने सभी श्रद्धालुओं से पर्युषण पर्व के दौरान आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होकर कर्मों की निर्जरा करने और भक्ति का आनंद लेने का आग्रह किया है।

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