भीलवाड़ा। रायला थाना क्षेत्र में नाबालिग बालिका से छेड़छाड़ के मामले में न्यायालय ने आरोपी कमलेन्द्र सिंह को तीन वर्ष के कारावास और 2,500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत 8 गवाहों की गवाही और 17 दस्तावेजों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया। प्रकरण में विशिष्ट लोक अभियोजक धर्मवीर सिंह कानावत ने पीड़िता की ओर से पैरवी की।

प्रकरण के अनुसार, 5 अक्टूबर 2025 को परिवादी ने रायला थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि 2 अक्टूबर 2025 को वह खेत पर गया हुआ था और उसकी नाबालिग पुत्री घर पर अकेली थी। इसी दौरान अभियुक्त कमलेन्द्र सिंह परिवादी के घर पहुंचा और नाबालिग के साथ गलत काम करने के आशय से छेड़छाड़ करने लगा।

परिवादी की रिपोर्ट पर रायला थाना पुलिस ने नाबालिग के साथ छेड़छाड़ एवं अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया। पुलिस ने प्रकरण में गवाहों के बयान दर्ज किए। जांच के दौरान अभियुक्त कमलेन्द्र सिंह के विरुद्ध अपराध प्रमाणित पाए जाने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चालान न्यायालय में पेश किया।

न्यायालय में सुनवाई के दौरान विशिष्ट लोक अभियोजक धर्मवीर सिंह कानावत ने पीड़िता की ओर से पैरवी करते हुए अभियोजन पक्ष के 8 गवाहों के बयान और 17 दस्तावेज प्रस्तुत किए। इन साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध छेड़छाड़ एवं पॉक्सो अधिनियम की धाराओं में अपराध प्रमाणित करवाया गया।

मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायाधीश श्रीमती रेखा वधवा ने फैसला सुनाते हुए अभियुक्त कमलेन्द्र सिंह को तीन वर्ष के कारावास और 2,500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। इस तरह रायला थाना क्षेत्र के नाबालिग से छेड़छाड़ के मामले में न्यायालय ने अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अपना निर्णय सुनाया।

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