मां की मौत के दो महीने बाद इकलौते बेटे की भी मौत, चुनाव ड्यूटी से लौटते समय हादसे में घायल कांस्टेबल ने तोड़ा दम
पंचायत चुनाव की ड्यूटी से लौटते समय भीलवाड़ा-आसींद मार्ग पर दो स्कॉर्पियो की भिड़ंत में घायल कांस्टेबल खुशीराम की मौत हो गई। दो महीने पहले मां को खो चुके 27 वर्षीय जवान के परिवार पर एक और दुखद घटना ने कहर बरपा दिया।
भीलवाड़ा के आसींद में सड़क हादसे में क्षतिग्रस्त हुई पुलिसकर्मियों की गाड़ी और इनसेट में दिवंगत कांस्टेबल खुशीराम (27) की तस्वीर।
पंचायत चुनाव की ड्यूटी पूरी कर लौट रहे टोंक जिला पुलिस के जवानों की स्कॉर्पियो का भीलवाड़ा-आसींद मार्ग पर मोड़ का निम्बाहेड़ा के पास दूसरी स्कॉर्पियो से आमने-सामने टक्कर हो गई। 30 अक्टूबर को हुए इस हादसे में गंभीर रूप से घायल कांस्टेबल खुशीराम (27) ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। दो महीने पहले ही मां को खो चुके खुशीराम परिवार के इकलौते बेटे थे। उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वहीं, भीलवाड़ा और टोंक जिला पुलिस में शोक छा गया।
टोंक जिले के निवाई थाने में तैनात सांवरिया, टोंक निवासी कांस्टेबल खुशीराम पुत्र रणजीत जाट हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें उपचार के लिए भीलवाड़ा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत नाजुक होने पर रविवार को चिकित्सकों ने उन्हें जयपुर रेफर कर दिया।
परिजन खुशीराम को बेहतर उपचार की उम्मीद में जयपुर लेकर रवाना हुए, लेकिन मंजिल तक पहुंचने से पहले ही किशनगढ़ के आसपास उनकी सांसें थम गईं। जिस बेटे को बचाने के लिए परिजन अस्पतालों के चक्कर लगा रहे थे, उसी का शव लेकर उन्हें वापस भीलवाड़ा लौटना पड़ा। सोमवार को जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
सहायक उप निरीक्षक नरपत सिंह ने बताया कि कांस्टेबल खुशीराम शादीशुदा थे, लेकिन उनकी अभी कोई संतान नहीं थी। वह परिवार के इकलौते बेटे थे। दो महीने पहले ही उनकी माता का निधन हुआ था। मां की मौत का दुख परिवार अभी भुला भी नहीं पाया था कि जवान बेटे की असमय मौत ने उसे गहरे सदमे में डाल दिया।
खुशीराम की मौत की खबर मिलते ही परिजनों और परिचितों में कोहराम मच गया। परिवार का इकलौता बेटा होने के कारण वह सभी के लिए सहारा थे। उनके निधन से परिवार की भविष्य की उम्मीदों पर भी विराम लग गया।
पुलिसकर्मियों के साथ यह हादसा भीलवाड़ा जिले के आसींद थाना क्षेत्र में हुआ था। टोंक जिला पुलिस के जवान बराणा मतदान केंद्र पर पंचायत चुनाव की ड्यूटी पूरी करने के बाद शनिवार दोपहर स्कॉर्पियो से भीलवाड़ा के लिए रवाना हुए थे। इसी दौरान मोड़ का निम्बाहेड़ा के पास सामने से आ रही दूसरी स्कॉर्पियो से उनकी गाड़ी की जोरदार भिड़ंत हो गई।
टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे में दोनों वाहनों में सवार सात लोग घायल हुए, जिनमें टोंक जिला पुलिस के जवान भी शामिल थे। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने घायलों को वाहनों से बाहर निकालने और अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
हादसे में घायल हैडकांस्टेबल इंद्रा को भी गंभीर चोटें आईं। उनके पैर में फ्रैक्चर होने के कारण उन्हें जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर किया गया है। वहीं, एक अन्य महिला कांस्टेबल अनीता को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
पंचायत चुनाव की ड्यूटी निभाकर लौट रहे पुलिसकर्मियों के साथ हुए इस हादसे में एक जवान की जान चली गई। मां के निधन के महज दो महीने बाद परिवार के इकलौते बेटे कांस्टेबल खुशीराम की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हादसे में घायल अन्य पुलिसकर्मियों के उपचार के बीच इस घटना ने भीलवाड़ा और टोंक जिला पुलिस को भी शोक में डाल दिया है।