तस्वीर में भीलवाड़ा के एक सभागार में आयोजित श्रम संवाद कार्यक्रम में उपस्थित लोग।

भीलवाड़ा, 30 सितंबर। Capacity-Building Programs on Labour Codes and PM-VBRY in Industrial Cluster Districts के तहत श्रम विभाग की ओर से बुधवार को संगम हाउस, चित्तौड़ रोड, भीलवाड़ा में श्रम संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में श्रम विभाग, उद्योग विभाग, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO), कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC), राष्ट्रीय श्रम संस्थान (NLI) सहित विभिन्न विभागों एवं औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने चारों श्रम संहिताओं के प्रमुख प्रावधानों और उनके उद्देश्यों की विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान कर्मचारियों को दिए जाने वाले वेतन एवं पारिश्रमिक, फिक्स्ड टर्म रोजगार, ग्रेच्युटी, शिशु पालन गृह, न्यूनतम वेतन, महिला श्रमिकों की सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा तथा कार्यस्थल पर श्रमिकों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से संबंधित प्रावधानों पर चर्चा की गई।

औद्योगिक संस्थानों में कार्यरत श्रमिकों को वर्ष में एक बार चिकित्सा जांच, निर्धारित परिस्थितियों में कार्य अवधि से संबंधित प्रावधान तथा विभिन्न श्रम कल्याणकारी व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि नए श्रम कानूनों के माध्यम से श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा दायरे को व्यापक बनाया गया है।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। योजना का उद्देश्य रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना तथा नियोक्ताओं और रोजगार प्राप्त करने वाले युवाओं को प्रोत्साहन प्रदान करना है। प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM) के माध्यम से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने की जानकारी भी साझा की गई।

श्रीमती पूजा पार्थ, श्रम आयुक्त राजस्थान जयपुर के निर्देशानुसार आयोजित इस श्रम संवाद कार्यक्रम में उप श्रम आयुक्त श्री शिवदयाल सोलंकी ने श्रमिकों एवं नियोक्ताओं को श्रम कानूनों के प्रति जागरूक करने तथा योजनाओं का अधिकाधिक लाभ पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, उद्योग प्रतिनिधियों, नियोक्ताओं, श्रमिकों, लीगल एडवाइजर, कंसल्टेंट एवं CA सहित अन्य विशेषज्ञों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम के अंत में विशेषज्ञों एवं विभागीय अधिकारियों ने उपस्थित प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं एवं प्रश्नों का समाधान किया। साथ ही श्रम कानूनों एवं श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं के प्रति निरंतर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में चारों श्रम संहिताओं, PM-VBRY और PM-SYM से संबंधित जानकारी के माध्यम से श्रमिकों एवं नियोक्ताओं को उनके प्रावधानों और योजनाओं से अवगत कराया गया।

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