भीलवाड़ा में आयोजित हुई डे नाइट साइकिल रेस प्रतियोगिता, जानें विजेता
विधायक खेल विकास योजना के तहत गर्ल्स कॉलेज खेल मैदान पर विभिन्न आयु वर्गों की साइकिल रेस व बच्चों की दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
खेल मैदान पर पदक पहने बच्चों, विजेताओं और अतिथियों की समूह तस्वीर।
भीलवाड़ा में डे नाइट साइकिल रेस प्रतियोगिता के दौरान बालकों के साथ युवाओं और बुजुर्गों ने भी उत्साह के साथ हिस्सा लिया। स्थानीय गर्ल्स कॉलेज खेल मैदान पर आयोजित प्रतियोगिता में विभिन्न वर्गों में प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। नन्हे बच्चों के लिए दौड़ प्रतियोगिता भी करवाई गई।
भीलवाड़ा, 1 अक्टूबर। भीलवाड़ा विधायक अशोक कुमार कोठारी द्वारा संचालित विधायक खेल विकास योजना के अंतर्गत फुटबॉल खिलाड़ी मोहित बासिटा के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में स्थानीय गर्ल्स कॉलेज खेल मैदान पर मुरली साइकिल के तत्वावधान में "डे नाइट भीलवाड़ा साइकिल रेस प्रतियोगिता" का आयोजन किया गया।
योजना के संयोजक एवं शिक्षाविद विवेक निमावत ने बताया कि योजना का उद्देश्य बालकों को खेलों से जोड़ना है, ताकि वे मोबाइल और टीवी से दूर रह सकें तथा उनका सर्वांगीण विकास हो।
प्रतियोगिता में छोटे बालकों के साथ युवाओं और बुजुर्गों ने भी उत्साह से भाग लिया। इस दौरान नन्हे बच्चों के लिए दौड़ प्रतियोगिता भी करवाई गई।
खेल प्रशिक्षक एवं मुख्य कोच अजित जैन ने बताया कि साइकिल रेस में मिराया डाड, गरिमा सिसोदिया, दिव्या ढ़ोली, हंसराज सिंह, सार्थक राठी, मयंक मोदी, आयुष कुमावत, कृष्णा मीणा, शुभम सेन, जसवीर सिंह, आर्यन गांच्छा, किंजल, गौरव मेघवंशी, गोविंद शर्मा, मोहित बासिटा, दीक्षिता मीणा, गीतिका कृपलानी, नीरज राव, गुंजन सांसी, कुशांक कृपलानी और हितेश शर्मा अपने-अपने वर्गों में विजेता रहे।
3 साल से 6 साल तक के बच्चों की दौड़ प्रतियोगिता में काव्या बासिटा, अथिया जाट, निवी जैन और शिवांश ने मेडल जीते।
समापन समारोह में खेल प्रेमी कैलाश चंद्र डाड, मुरली साइकिल के यश झुर्रार्नी, विधायक कार्यालय प्रभारी बाबू लाल टाक, समाजसेवी सत्य नारायण गुग्गड़ और भीलवाड़ा साइकिल क्लब के सदस्य सत्यनारायण राठी एवं भेरुलाल सुवालका ने बच्चों को पदक देकर सम्मानित किया।
योजना के प्रशिक्षक दिनेश सोलंकी, मनीषा सोलंकी और पलक राजपूत ने अभिभावकों, बच्चों एवं दर्शकों का आभार व्यक्त किया। प्रतियोगिता में बालकों से लेकर युवाओं और बुजुर्गों की भागीदारी ने आयोजन को खेल गतिविधियों से जुड़ने के व्यापक अवसर के रूप में सामने रखा।