भीलवाड़ा: एडवोकेट पर चाकू से हमला, वकीलों का प्रदर्शन, पुलिस को 3 दिन का अल्टीमेटम
सिविल लाइंस क्षेत्र में वकील पर हुए हमले के बाद वकीलों ने एसपी कार्यालय पर प्रदर्शन किया और आरोपी की त्वरित गिरफ्तारी की मांग रखी।
तस्वीर में एसपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते वकील और बातचीत करते पुलिसकर्मी दिख रहे हैं।
भीलवाड़ा शहर के सिविल लाइंस क्षेत्र में गुरुवार रात एडवोकेट गोविंद माणनिया पर हुए कातिलाना हमले के विरोध में शनिवार को अधिवक्ताओं का आक्रोश खुलकर सामने आया। बड़ी संख्या में वकीलों ने जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। जिला अभिभाषक संस्था अध्यक्ष उम्मेदसिंह राठौड़ ने पुलिस प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि इस अवधि में गिरफ्तारी नहीं होने पर वकील समुदाय उग्र आंदोलन करेगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एडवोकेट गोविंद माणनिया किसी कार्य से सिविल लाइंस इलाके में पहुंचे थे। इसी दौरान स्कूटी सवार एक अज्ञात हमलावर ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोपी ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए उनके साथ गाली-गलौज की। वकील ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने आक्रोशित होकर उन पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले के दौरान बचाव करते समय वकील के हाथ पर गंभीर चोट आई और वे लहूलुहान होकर नीचे गिर पड़े।
हमले के दौरान वकील ने सतर्कता दिखाते हुए वारदात का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में आरोपी का चेहरा कैद हो गया है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी स्कूटी समेत मौके से फरार हो गया। मामले में सुभाषनगर पुलिस ने वारदात की रिपोर्ट दर्ज की है।
घटना के विरोध और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जिला अभिभाषक संस्था अध्यक्ष उम्मेदसिंह राठौड़ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ता जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल ने कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए जमकर हंगामा किया। बढ़ते तनाव को देखते हुए एसपी कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने वकीलों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वीडियो फुटेज और स्कूटी के नंबरों के आधार पर आरोपी की शिनाख्त कर ली गई है। पुलिस ने आरोपी को जल्द से जल्द दबोचने और उसके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई करने का ठोस भरोसा दिया। इसके बाद वकीलों का गुस्सा शांत हुआ।
पुलिस ने शहरभर में नाकाबंदी कर आरोपी की तलाश तेज कर दी है। वहीं, अधिवक्ताओं ने तीन दिन में गिरफ्तारी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है, जिससे मामले में पुलिस कार्रवाई पर वकील समुदाय की नजर बनी हुई है।