भीलवाड़ा में सड़क हादसे में 18 वर्षीय रविराज की मौत, डंपर जब्त; बच्चों के शव मिलने के मामले में तीन पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
भीलवाड़ा में सवाईपुर से कोचिंग पढ़कर लौट रहे 18 वर्षीय रविराज पुरावत की डंपर की टक्कर से मौत हो गई। दूसरी ओर, कलकीपुरा के दो बच्चों के शव मिलने के मामले के बीच भीमगंज थाने के एक एएसआई और दो दीवान को पुलिस लाइन भेजा गया है।
भीलवाड़ा में सड़क हादसे में 18 वर्षीय छात्र रविराज पुरावत की मौत हो गई। सवाईपुर से कोचिंग पढ़कर बाइक से घर लौट रहे रविराज को बड़लियास थाना क्षेत्र के बड़ला गांव के चौराहे पर डंपर ने टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रूप से घायल रविराज को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दूसरी ओर, भीलवाड़ा शहर के भीमगंज थाने में एक एएसआई और दो दीवान को पुलिस लाइन भेजे जाने के बाद कार्रवाई के कारणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। यह कार्रवाई कलकीपुरा के दो बच्चों के लापता होने और बाद में उनके शव पालड़ी क्षेत्र की खदान में मिलने के मामले में कथित लापरवाही से जोड़कर देखी जा रही है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
अमरतिया गांव निवासी 18 वर्षीय रविराज पुत्र चैनसिंह पुरावत शनिवार को सवाईपुर में कोचिंग पढ़ने गया था। कोचिंग पूरी करने के बाद वह बाइक से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान बड़ला गांव के चौराहे के पास एक डंपर ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि रविराज गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों और परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। घायल रविराज को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
जवान बेटे की मौत की खबर से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अस्पताल में रविराज का शव देखते ही परिजनों की चीख-पुकार मच गई। महज 18 वर्ष की उम्र में बेटे की मौत से परिवार में मातम छा गया। अमरतिया गांव में भी शोक का माहौल है। इस हादसे के बाद तेज रफ्तार भारी वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
सवाईपुर चौकी प्रभारी महेंद्र खोजी ने बताया कि डंपर कमालपुरा से गिट्टी भरकर बड़ला आया था। गिट्टी खाली करने के बाद वह वापस कमालपुरा जा रहा था, तभी हादसा हुआ। पुलिस ने डंपर को डिटेन कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
इधर, भीलवाड़ा शहर के भीमगंज थाने में एक सहायक उपनिरीक्षक और दो हेड कांस्टेबलों को लाइन हाजिर किए जाने की कार्रवाई चर्चा में है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला पुलिस अधीक्षक ने करीब पांच दिन पहले एएसआई कैलाश खटीक, दीवान उमराव और दीवान जानकी लाल को पुलिस लाइन में उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। इसके बाद तीनों पुलिसकर्मियों को तत्काल पुलिस लाइन के लिए रवाना कर दिया गया।
हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर थाना प्रभारी का कहना है कि तीनों पुलिसकर्मियों को कानून व्यवस्था ड्यूटी के लिए भेजा गया है। उन्होंने इस संबंध में किसी लिखित आदेश के जारी होने से इनकार किया है। वहीं, अचानक हुई इस कार्रवाई के पीछे के कारणों को लेकर अलग-अलग चर्चाएं हैं।
चर्चाओं के अनुसार, लाइन हाजिर किए गए एएसआई कैलाश खटीक के पास कलकीपुरा के दो बच्चों के लापता होने और बाद में उनके शव पालड़ी क्षेत्र की खदान में मिलने के संवेदनशील मामले की जांच थी। बच्चों के शव मिलने के बाद मृतकों के परिजनों और समाज के लोगों ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए थे। माना जा रहा है कि इसी मामले में कथित कोताही के चलते एएसआई के खिलाफ कार्रवाई की गई है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों की ओर से अब तक तीनों पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किए जाने के वास्तविक कारणों का आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है।
एक ओर सड़क हादसे में युवा छात्र की मौत से अमरतिया गांव में शोक है, वहीं दूसरी ओर दो बच्चों की मौत के मामले में पुलिस की कथित लापरवाही और तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किए जाने की कार्रवाई ने भीलवाड़ा में पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल खड़े किए हैं। दोनों मामलों में जांच और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही घटनाक्रम की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।