भीलवाड़ा से भरका माता मंदिर तक विधायक अशोक कोठारी की पदयात्रा, गौवंश को खिलाई घी की लापसी
भीलवाड़ा विधायक अशोक कुमार कोठारी के नेतृत्व में 19 अक्टूबर को भरका माता मंदिर तक पदयात्रा निकाली गई। 17 वर्षों से आयोजित इस यात्रा में श्रद्धालुओं ने सामाजिक एकता, शांति और सद्भाव की कामना की तथा गौवंश को शुद्ध घी से बनी लापसी खिलाई।
भीलवाड़ा से भरका माता मंदिर पहुंची पदयात्रा के बाद मंदिर परिसर की गौशाला में गौवंश को लापसी खिलाते विधायक अशोक कुमार कोठारी और श्रद्धालु।
भीलवाड़ा में सामाजिक एकता, शांति और सद्भाव के संदेश के साथ विधायक अशोक कुमार कोठारी के नेतृत्व में रविवार, 19 अक्टूबर को भीलवाड़ा से अरावली पर्वतमाला की पहाड़ियों पर स्थित भरका माता मंदिर तक पदयात्रा निकाली गई। पिछले 17 वर्षों से लगातार आयोजित हो रही इस पदयात्रा में संपूर्ण जगत के कल्याण, समाज में आपसी भाईचारे और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा देने के साथ पशु-पक्षियों एवं गौवंश के सुख-समृद्धि की कामना की गई।
पदयात्रा का शुभारंभ नवकार कॉम्प्लेक्स के बाहर भरका माता और गौमाता के जयकारों के साथ हुआ। यहां से सभी सहभागी पदयात्री कारोई स्थित विनायक विद्या पीठ पहुंचे। इसके बाद धन्नाजी का खेड़ा ग्राम से प्रकृति के वातावरण में निधि वन होते हुए भरका माता मंदिर तक की यात्रा जंगल और पहाड़ी मार्गों से मौन रहकर पूरी की गई। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर धार्मिक भजनों की प्रस्तुतियों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। मार्ग में आने वाले विभिन्न गांवों के ग्रामीणों ने पदयात्रियों का आत्मीय स्वागत किया। लाखोला गांव में भी ग्रामवासियों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ पदयात्रा का अभिनंदन किया।
पदयात्रा के दौरान संपूर्ण विश्व के कल्याण, समाज में शांति एवं सद्भाव की स्थापना और पशु-पक्षियों सहित गौवंश के सुख-समृद्धि की मंगलकामना की गई। आयोजन के माध्यम से सामाजिक समरसता, आपसी विश्वास और मानवीय संवेदनाओं का संदेश दिया गया। पदयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने समाज में प्रेम, भाईचारे और सद्भाव की भावना को मजबूत करने का संकल्प व्यक्त किया।
भरका माता मंदिर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने भरका माता के दर्शन किए। इसके बाद मंदिर परिसर की गौशाला में गौवंश को शुद्ध घी से निर्मित लापसी खिलाई गई। इस दौरान गौसेवा और जीवमात्र के कल्याण के प्रति समर्पण का भाव दिखाई दिया। श्रद्धालुओं ने गौमाता की सेवा को पुण्य कार्य बताते हुए सभी जीवों के प्रति दया, करुणा और संवेदनशीलता रखने का संदेश दिया।
पदयात्रा में संतलाल दास जी महाराज, लक्ष्मी नारायण डाड, डॉ. देवेंद्र कुमावत, विश्व नाथ प्रताप सिंह, डॉ. राजकुमार चतुर्वेदी, भगवान सिंह चौहान, आनंद चपलोत, गौतम कोठारी, राकेश कोठारी, अंशुल कोठारी, विकास कोठारी, नवीन खंडेलवाल, राजेश रांका, दिनेश लक्षकार, शोभा लाल जीनगर, आजाद शर्मा, ज्ञान प्रकाश नाहर, सत्यनारायण गुग्गड़, छितर मल गेंगट, कमल कोठारी, राजकुमार ईनाणी, केदार जागेटिया, कैलाश जीनगर, बहादुर सिंह, संजय राठी, गजेंद्र सिंह राठौड़, सुरेंद्र जैन, दिनेश सुथार, पृथ्वीराज सिंह चौहान, प्रिंस जैन, अजय पाराशर, रचित रांका और विनोद मीणा सहित सैकड़ों श्रद्धालु एवं पदयात्री शामिल हुए। आयोजन के माध्यम से सामाजिक एकता, शांति, सद्भाव और सभी जीवों के कल्याण का संदेश दिया गया।