तस्वीर में भुसावर स्थित कृषि महाविद्यालय परिसर में 'राष्ट्रीय सेवा योजना' के तहत गाजर घास जागरूकता सप्ताह के अवसर पर बैनर पकड़े हुए और हाथ में गाजर घास लिए नजर आ रहे विद्यार्थी और महाविद्यालय स्टाफ।

भुसावर स्थित कृषि महाविद्यालय में पार्थेनियम (गाजर घास) जागरूकता सप्ताह के तहत 20 अगस्त 2026 को विद्यार्थियों ने पार्थेनियम (गाजर घास) उखाड़कर कॉलेज परिसर को इससे मुक्त किया। इस दौरान महाविद्यालय के अधिकारियों ने पार्थेनियम के पर्यावरण, कृषि और मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के प्रति विद्यार्थियों, किसानों और आमजन को जागरूक किया।

महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एम.एल. मीना ने कहा कि पार्थेनियम (गाजर घास) पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसका एक पौधा एक वर्ष में 6000 से अधिक बीज पैदा कर सकता है, इसलिए यह खरपतवार तेजी से फैलता है। इसके संपर्क में आने से मनुष्य में त्वचा की एलर्जी व श्वास संबंधी बीमारी हो सकती है।

उन्होंने बताया कि जागरूकता सप्ताह के माध्यम से किसानों, विद्यार्थियों एवं आमजन को पार्थेनियम (गाजर घास) के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने के साथ आसपास के स्थानों को पार्थेनियम मुक्त करना है।

डॉ. राहुल कुमार ने कहा कि पार्थेनियम (गाजर घास) से मानव स्वास्थ्य, कृषि एवं पर्यावरण को नुकसान होता है। इसका जैविक नियंत्रण मैक्सीकन बीटल (जाइगोग्रामा बाइकोलोराटा) द्वारा किया जा सकता है।

डॉ. एम.ए. खान ने कहा कि सड़कों व रेल पटरियों के किनारे तथा खाली पड़ी सार्वजनिक जगहों पर पार्थेनियम (गाजर घास) का प्रकोप ज्यादा होता है। अतः ऐसी प्रभावित जगहों पर पंचायत, नगरपालिका अथवा प्रशासन द्वारा ग्लाइफोसेट 1 प्रतिशत घोल का छिड़काव करना चाहिए।

डॉ. आकाश तंवर ने कहा कि भारत के प्रत्येक नागरिक को इसके उन्मूलन के प्रति सचेत रहना चाहिए तथा जहां भी पार्थेनियम (गाजर घास) का पौधा दिखाई दे, उसे तुरंत उखाड़ दें तथा पशुओं को इसका सेवन नहीं करने दें।

डॉ. भानुप्रिया पकंज ने कहा कि इस घातक खरपतवार को फूल बनने से पहले उखाड़ दें, ताकि बीज नहीं बने तथा आगामी वर्षा में इसका फैलाव रुक सके।

इस अवसर पर राजेन्द्र सिंह, राहुल मीणा, दीपक मीणा, प्रेम कुमारी, गीता गवारिया, हेमन्त सहित कॉलेज स्टाफ व विद्यार्थी उपस्थित थे। जागरूकता सप्ताह के तहत परिसर को पार्थेनियम (गाजर घास) मुक्त करने की पहल के साथ इसके उन्मूलन के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।

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