वैर विधानसभा की नट बस्ती के बदहाल रास्ते, आठ दशक बाद भी नहीं बदली तस्वीर
भुसावर की ईटामडा नट बस्ती में आजादी के 80 साल बाद भी कच्चे रास्ते बदहाल हैं। बारिश में जलभराव से लोग और विद्यार्थी परेशान हैं।
तस्वीर में भरतपुर की ईटामडा नट बस्ती का कच्चा और बदहाल रास्ता दिखाई दे रहा है, जहां बारिश के कारण जलभराव और कीचड़ जमा है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के भरतपुर गृह जिले में भुसावर उपखंड की ग्राम पंचायत ईटामडा स्थित नट बस्ती के आम रास्ते आजादी के 80 वर्ष गुजर जाने के बाद भी बदहाल पड़े हैं। कच्चे रास्तों के कारण बारिश के दौरान यहां जलभराव हो जाता है, जिससे नट बस्ती के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
नट बस्ती के लोगों के अनुसार, बदहाल और कच्चे आम रास्तों पर बारिश का पानी भर जाने से आए दिन बाइक सवार फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त होते रहते हैं। रास्तों की खराब स्थिति का असर विद्यार्थियों पर भी पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि रास्ते खराब होने के कारण विद्यार्थी विद्यालय तक नहीं पहुंच पाते हैं।
ग्राम पंचायत ईटामडा की नट बस्ती के लोगों ने गांव ईटामडा पहुंचे रिपोर्टर को बताया कि आजादी के कई दशक गुजर जाने के बावजूद सरकार की ओर से उनकी नट बस्ती के कच्चे आम रास्तों को पक्का नहीं कराया गया है। रास्तों की बदहाली के कारण बस्ती के लोग लगातार परेशानी झेल रहे हैं।
लोगों का कहना है कि सरकारी नुमाइंदों एवं जन प्रतिनिधियों की ओर से उनकी समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बस्ती के लोगों ने यह भी बताया कि वैर विधायक बहादुर सिंह कोली को करीब पांच साल होने को हैं, लेकिन वे अब तक नट बस्ती के अंदर नहीं पहुंचे हैं।
आजादी के आठ दशक गुजरने के बावजूद नट बस्ती के आम रास्तों की स्थिति में बदलाव नहीं होने से स्थानीय लोगों की समस्याएं बरकरार हैं। बारिश के समय जलभराव, बाइक सवारों के दुर्घटनाग्रस्त होने और विद्यार्थियों के विद्यालय नहीं पहुंच पाने जैसी परेशानियां बदहाल रास्तों की स्थिति को उजागर करती हैं।