चेन्नई में भरतपुर के सेंसेई बबलू सिंह का जलवा, 1000 खिलाड़ियों संग बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड
भरतपुर के मोरोली कलाँ निवासी सेंसेई बबलू सिंह ने चेन्नई में 1000 से अधिक कराटे खिलाड़ियों के साथ कराटे चॉप कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। उन्हें आधिकारिक प्रमाण-पत्र और मेडल भी प्राप्त हुआ।
तस्वीर में बाएं से दाएं कराटे पोशाक पहने सेंसेई बबलू सिंह और एक अन्य व्यक्ति चेन्नई में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का प्रमाण-पत्र पकड़े हुए नजर आ रहे हैं।
भरतपुर। कराटे के क्षेत्र में भारत ने 16 अगस्त को एक ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की। चेन्नई, तमिलनाडु के एकेआर सेंट थॉमस नगर कोयम्बेदु में आयोजित विशेष कराटे प्रतियोगिता में देशभर के 1000 से अधिक कराटे खिलाड़ियों ने एक साथ कराटे चॉप का प्रदर्शन कर विश्व रिकॉर्ड बनाने के ऐतिहासिक प्रयास में हिस्सा लिया। इस आयोजन में राजस्थान के भरतपुर जिले के मोरोली कलाँ निवासी सेंसेई बबलू सिंह ने भी सक्रिय रूप से भाग लेकर राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड द्वारा जारी प्रमाण-पत्र के अनुसार, 16 अगस्त को चेन्नई, भारत में एक साथ सबसे अधिक लोगों द्वारा कराटे चॉप करने का रिकॉर्ड स्थापित किया गया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि का आयोजन वर्ल्ड कराटे मास्टर्स एसोसिएशन (WKMA), भारत द्वारा किया गया।
भरतपुर जिले के गांव मोरोली कलाँ निवासी सेंसेई बबलू सिंह ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में भाग लेकर राजस्थान का गौरव बढ़ाया। उन्होंने कराटे के प्रति अपने वर्षों के समर्पण, अनुशासन और मेहनत के दम पर चेन्नई में आयोजित इस ऐतिहासिक विश्व रिकॉर्ड कार्यक्रम में राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया।
इस ऐतिहासिक आयोजन में देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे 1000 से अधिक कराटे खिलाड़ियों ने एकजुट होकर कराटे चॉप का प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों ने अनुशासन, तकनीक, समर्पण और टीम भावना का प्रदर्शन किया। रिकॉर्ड बनने के बाद सेंसेई बबलू सिंह को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का आधिकारिक प्रमाण-पत्र एवं मेडल भी प्राप्त हुआ।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का यह प्रमाण-पत्र और मेडल उनके लिए वर्षों की मेहनत, अनुशासन और कराटे के प्रति समर्पण का प्रतीक है। सेंसेई बबलू सिंह की इस उपलब्धि से मोरोली कलाँ, भरतपुर और राजस्थान के कराटे खिलाड़ियों एवं युवाओं में उत्साह का माहौल है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित मंच पर राजस्थान का प्रतिनिधित्व करना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। मोरोली कलाँ के सेंसेई बबलू सिंह की यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि मोरोली कलाँ, भरतपुर, राजस्थान और भारतीय कराटे जगत के लिए गौरव का ऐतिहासिक क्षण है।