तस्वीर में रणधीरगढ़ स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के परिसर में हॉल निर्माण कराने वाले भामाशाह परिवार का सम्मान करते हुए विद्यालय परिवार के सदस्य नजर आ रहे हैं।

उपखण्ड भुसावर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रणधीरगढ़ के परिसर में हॉल निर्माण कराने वाले भामाशाह परिवार का विद्यालय परिवार की ओर से सम्मान किया गया। कार्यक्रम में भामाशाह प्रेमलता सैन की अध्यक्षता में स्व. बाबू लाल सैन के परिवार को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर विद्यालय परिवार की ओर से रणधीरगढ़ निवासी स्व. बाबू लाल सैन की पत्नी प्रेमलता, उनके पुत्र महावीर एवं लक्ष्मीकांत सहित पुत्रवधुओं का माला, साफा और शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि भामाशाहों ने विद्यालय में हॉल का निर्माण कराकर नेक कार्य किया है। अब विद्यालय के बच्चे हॉल में बैठकर अध्ययन कर सकेंगे। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे भामाशाहों को आगे आकर पुनीत कार्य करने चाहिए।

भामाशाह महावीर ने बताया कि उनके पिता स्व. बाबू लाल लंबे समय से विद्यालय में एक हॉल बनवाने की इच्छा रखते थे, लेकिन विपरीत परिस्थितियों के चलते यह शुभ कार्य नहीं हो सका। उनकी माताजी प्रेमलता द्वारा पहल करते हुए हॉल निर्माण का निर्णय लिया गया, जिसकी समस्त गांव और परिवार सराहना कर रहा है।

वक्ताओं ने कहा कि धनवान लोगों के बच्चे निजी विद्यालयों में पढ़ लेते हैं, लेकिन गरीब परिवारों के बच्चे कहां जाएं। इसी विचार के चलते परिवार की राय लेकर विद्यालय में हॉल निर्माण कराने का निर्णय लिया गया।

कार्यक्रम में कार्यवाहक संस्था प्रधान अशोक सिंह गुर्जर, ब्रजेश कुमार शर्मा, समय सिंह मीणा, दीपचंद निशा, दिग्विजय सिंह, सुनीता सिंह, सरपंच राधेश्याम शर्मा, सुनील धाकड़, मधुबाला, प्रीती, अशोक भारती आदि मौजूद रहे।

गौरतलब है कि गांव में संचालित विद्यालय में भवन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से बच्चों को लंबे समय से असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या के समाधान के लिए भामाशाह परिवार ने 30*25 का हॉल निर्माण कराकर उसे विद्यालय परिवार को सौंप दिया। इससे विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए अतिरिक्त स्थान की सुविधा मिली है।

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