डीग में कपड़ों की दुकानों पर अचानक जांच, डिब्बाबंद परिधानों के मूल्य और नियमों की हुई पड़ताल
उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के तहत डीग शहर के प्रमुख वस्त्र प्रतिष्ठानों पर विधिक माप विज्ञान विभाग द्वारा आकस्मिक जांच की गई।
विधिक माप विज्ञान अधिकारी समीक्षा भटनागर डीग के एक वस्त्र प्रतिष्ठान पर पैकेटबंद परिधानों की जांच करते हुए।
डीग, 12 अक्टूबर। उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा और कपड़ों की दुकानों पर डिब्बाबंद परिधानों की बिक्री में विधिक माप विज्ञान के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के लिए विधिक माप विज्ञान विभाग ने डीग में आकस्मिक जांच अभियान चलाया। उपभोक्ता मामले विभाग, जयपुर के निर्देशानुसार चलाए जा रहे इस अभियान के तहत शहर के प्रमुख वस्त्र प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर पैकेट पर दर्ज अनिवार्य घोषणाओं और विक्रय मूल्य की जांच की गई।
अभियान के दौरान शहर के प्रमुख प्रतिष्ठानों भाई भाई कलेक्शन, रिद्धि सिद्धि और मनोज कलेक्शन सहित अन्य दुकानों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। इस दौरान डिब्बाबंद परिधानों के पैकेट पर निर्धारित घोषणाओं, विक्रय मूल्य और विधिक माप विज्ञान से संबंधित अन्य आवश्यक प्रावधानों के अनुपालन की पड़ताल की गई।
निरीक्षण के दौरान सभी प्रतिष्ठानों पर विभागीय निर्देशों के अनुरूप व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। जांच किए गए उत्पादों का विक्रय मूल्य भी निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक नहीं मिला। इस तरह निरीक्षण में मूल्य संबंधी नियमों के उल्लंघन का मामला सामने नहीं आया।
विधिक माप विज्ञान अधिकारी समीक्षा भटनागर ने बताया कि उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा और बाजार में निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इस प्रकार की आकस्मिक जांच लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में भी पैकबंद वस्तुओं की जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विभाग की ओर से जारी इस जांच अभियान के तहत कपड़ों सहित पैकबंद वस्तुओं पर अनिवार्य घोषणाओं और निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य के अनुपालन की निगरानी जारी रहेगी।