डीग महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या में गफरुद्दीन मेवाती और वंदना मिश्रा की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
डीग महोत्सव के तहत ऐतिहासिक डीग महल में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में पद्मश्री गफरुद्दीन मेवाती और गायिका वंदना मिश्रा ने शानदार प्रस्तुतियां दीं।
डीग महोत्सव के अवसर पर शनिवार को ऐतिहासिक डीग महल में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में गायिका वंदना मिश्रा और अन्य कलाकारों ने मंच पर अपनी प्रस्तुतियां दीं।
डीग महोत्सव के तहत शनिवार को ऐतिहासिक डीग महल में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में पद्मश्री गफरुद्दीन मेवाती और गायिका वंदना मिश्रा अयोध्या की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मेवाती लोक संस्कृति, पारंपरिक भपंग वादन, भजनों और लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुतियों से सजी इस संध्या में लोक संगीत और भक्ति के विविध रंग देखने को मिले।
कार्यक्रम का शुभारंभ उपखंड अधिकारी डीग अमित कुमार मीना और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के उप अधीक्षक गोविंदराम मीना ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद पद्मश्री गफरुद्दीन मेवाती ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से मेवाती लोक संस्कृति और पारंपरिक संगीत विरासत की झलक पेश की। उन्होंने ‘गजानन मेरे घर में पधारो’ और ‘दुनिया में हो रही टर ही टर’ सहित मेवाती गीत प्रस्तुत किए। उनके पारंपरिक भपंग वादन ने मेवात की समृद्ध संगीत परंपरा को मंच पर जीवंत किया।
इसके बाद गायिका वंदना मिश्रा अयोध्या ने भक्ति, लोक और लोकप्रिय संगीत की प्रस्तुतियों से श्रोताओं का मन मोह लिया। उन्होंने ‘वीर हनुमान’, ‘मेरे राम आए हैं’, ‘बम लाहिरी’, ‘राधिका गौरी से’, ‘मेरे रश्के कमर’, ‘मेरा मन डोले मेरा तन डोले’, ‘एक परदेसी मेरा दिल ले गया’, ‘हमें रख लेना श्याम तेरी दरबारी में’ और ‘प्यारा सजा है तेरा दरबार भवानी’ जैसे गीत प्रस्तुत किए। उनकी गायकी पर श्रोताओं ने उत्साहपूर्वक आनंद लिया।
डीग महोत्सव के माध्यम से ऐतिहासिक डीग महल की पृष्ठभूमि में राजस्थान की लोक कला, संगीत और सांस्कृतिक परंपराओं को मंच प्रदान किया जा रहा है। सांस्कृतिक संध्या में मेवाती लोक संगीत, पारंपरिक वाद्ययंत्र, भक्ति गीतों और लोकप्रिय धुनों के संगम ने कार्यक्रम को विविधतापूर्ण स्वरूप दिया।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर देवेंद्र परमार, पुलिस उप अधीक्षक सीताराम बैरवा, सहायक निदेशक पर्यटन विभाग हिमांशु मेहरा सहित अन्य अधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ सहायक उमेश चंद प्रजापति ने किया। डीग महोत्सव की यह सांस्कृतिक संध्या ऐतिहासिक धरोहर की पृष्ठभूमि में लोक संगीत और सांस्कृतिक परंपराओं को मंच प्रदान करने वाले आयोजन के रूप में सामने आई।