भुसावर के देवी मंदिर में शारदीय नवरात्रि के अवसर पर सजाई गई मां दुर्गा की भव्य फूल बंगला झांकी और विशेष श्रृंगार.

भुसावर में 11 अक्टूबर 2026, रविवार से घट स्थापना के साथ शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ होगा। इस बार मां दुर्गा का आगमन हाथी पर सवार होकर होगा, जिसे सुख-समृद्धि, ऐश्वर्य, अच्छी वर्षा और अच्छी फसल का प्रतीक माना जाता है। नवरात्रि को लेकर भुसावर के प्रमुख देवी मंदिरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। मंदिरों में विशेष श्रृंगार और फूल बंगला झांकियां सजाई जा रही हैं। श्रद्धालु घट स्थापना से लेकर 20 अक्टूबर को विजयदशमी यानी दशहरा पर्व तक विधिवत पूजा-अर्चना कर उपवास रखेंगे और मां दुर्गा से मनोकामनाएं मांगेंगे।

भारत की आध्यात्मिक परंपरा और सभ्यता-संस्कृति में नवरात्रि का विशेष महत्व है। इन दिनों देवी भक्त मां दुर्गा की आराधना करते हुए व्रत रखते हैं और परिवार की सुख-शांति तथा समृद्धि की कामना करते हैं। भुसावर में शैतान पाड़ा स्थित प्रमुख देवी मंदिर, जुलाहा पाड़ा स्थित देवी मंदिर, शीतला माता मंदिर, कोठी वाले हनुमान जी मंदिर और पंजाबी गुरुद्वारा हनुमान जी मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों में नवरात्रि को लेकर धार्मिक तैयारियां की जा रही हैं।

नवरात्रि के प्रथम दिन घट स्थापना के साथ मंदिरों में पूजा-अर्चना शुरू होगी। इसके बाद 20 अक्टूबर को विजयदशमी और दशहरा पर्व तक धार्मिक आयोजन जारी रहेंगे। देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की ओर से विशेष श्रृंगार किया जा रहा है। साथ ही फूल बंगला झांकियां सजाने की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। महिला श्रद्धालु ढोलक, झांझ और मंजीरे की थाप पर देवी भजनों का गायन करते हुए नृत्य करेंगी और कन्या रूपी देवी माता को रिझाकर अपनी अरदास लगाएंगी। इस दौरान श्रद्धालु मां से अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करने की प्रार्थना करेंगे।

पुष्पेन्द्र मिश्र, महेश शर्मा और राघवेन्द्र पण्डितों ने जानकारी देते हुए बताया कि देवी भागवत पुराण के अनुसार, इस बार 11 अक्टूबर 2026, रविवार को शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा का आगमन हाथी यानी गज पर सवार होकर होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां दुर्गा का हाथी पर आगमन राष्ट्र में सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य का प्रतीक माना जाता है। इसे अच्छी वर्षा, अच्छी फसल, धन-धान्य में वृद्धि और घर में सुख-शांति का शुभ संकेत भी माना जाता है।

नवरात्रि के प्रथम दिन घट स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 06 बजकर 019 मिनट से 10 बजकर 12 मिनट तक बताया गया है। वहीं, अभिजित मुहूर्त सुबह 11 बजकर 44 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। घट स्थापना के साथ शुरू होने वाले नौ दिवसीय धार्मिक आयोजनों को लेकर भुसावर के मंदिरों में तैयारियां तेज हो गई हैं। पूजा-अर्चना, व्रत, भजन-कीर्तन और विशेष झांकियों के माध्यम से श्रद्धालु नवरात्रि और विजयदशमी तक मां दुर्गा की आराधना करेंगे।

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