डीग के 6 राजकीय विद्यालयों में ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे’ अभियान, बच्चों को बताए कानूनी अधिकार
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित विशेष शिविरों में न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा, पोक्सो एक्ट व हेल्पलाइन 1098 की जानकारी दी।
डीग के राजकीय विद्यालय में आयोजित 'ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे' जागरूकता शिविर के दौरान विद्यार्थियों को बाल अधिकारों और सुरक्षा प्रावधानों की जानकारी देते न्यायिक अधिकारी व शिक्षक।
डीग, 13 अक्टूबर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, डीग के तत्वावधान में 13 अक्टूबर 2026 को जिले के विभिन्न राजकीय विद्यालयों में ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे’ (Transformative Tuesday) विशेष जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा, कानूनी अधिकारों और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण के प्रति जागरूक किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने और अपनी सुरक्षा के लिए मजबूती से खड़े होने के लिए प्रेरित करना था। अभियान का संदेश था कि विद्यालय ऐसे सुरक्षित स्थान हों, जहां बच्चों के सपनों को पंख मिलें और शिक्षा प्राप्त करने वाला कोई भी बच्चा असुरक्षित न रहे।
अभियान के तहत जिले के विभिन्न न्यायिक अधिकारियों ने विद्यालयों का दौरा कर विद्यार्थियों, शिक्षकों और विद्यालय स्टाफ को बाल सुरक्षा, विधिक अधिकारों तथा सुरक्षित शैक्षणिक माहौल के संबंध में मार्गदर्शन दिया।
राजकीय किशनलाल जोशी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, डीग में जिला एवं सत्र न्यायाधीश उपेंद्र शर्मा और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रामकिशन शर्मा ने जागरूकता शिविर आयोजित किया। इस दौरान लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के डिप्टी चीफ राजेंद्र शर्मा भी उपस्थित रहे। जिला एवं सत्र न्यायाधीश उपेंद्र शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालय ऐसा सुरक्षित प्रांगण होना चाहिए, जहां बच्चे बिना किसी भय के अपने सपनों को साकार कर सकें। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति मुखर रहने तथा किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या असुरक्षा की स्थिति में आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया।
डीग गुप्ता सीनियर सेकेंडरी स्कूल में अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्रीमती सरोज मीणा ने जागरूकता शिविर आयोजित कर छात्र-छात्राओं को बाल अधिकारों और सुरक्षा मानकों की जानकारी दी। इस दौरान श्री विनोद कुमार शर्मा उनके साथ उपस्थित रहे।
राजकीय लाला मनोहर लाल खंडेलवाल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, डीग में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती रेनू सकीत ने विद्यार्थियों को विधिक जागरूकता, उनके कानूनी अधिकारों और उपलब्ध सहायता तंत्र की विस्तृत जानकारी प्रदान की। वहीं, महात्मा गांधी राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, डीग में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, डीग ने विधिक शिविर आयोजित कर विद्यार्थियों को सशक्त और सुरक्षित रहने के उपाय बताए। इस दौरान कनिष्ठ सहायक बलराम शर्मा भी मौजूद रहे।
ग्रामीण बी.एस.एस. सीनियर सेकेंडरी स्कूल, परमंदरा में सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती भाविका कोहलरी ने शिविर आयोजित कर विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों और सुरक्षा उपायों से अवगत कराया। स्वतंत्रता सेनानी श्री राम सिंह राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, परमंदरा में किशोर न्याय बोर्ड (JJB) की प्रधान मजिस्ट्रेट सुश्री कुसुम मीणा ने विशेष जागरूकता शिविर का संचालन किया। शिविर में बच्चों को सुरक्षित माहौल और उनसे संबंधित विधिक प्रावधानों की जानकारी दी गई।
सभी शिविरों के दौरान न्यायिक अधिकारियों ने पोक्सो एक्ट, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और बाल श्रम निषेध से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी। इसके साथ ही राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) और राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) की ओर से संचालित निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं, हेल्पलाइन नंबरों तथा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की कार्यप्रणाली पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
इस जागरूकता अभियान में विद्यालयों के प्राचार्यों, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा उपायों और सहायता प्राप्त करने के उपलब्ध माध्यमों की जानकारी देकर विद्यालयों को भयमुक्त और सुरक्षित बनाने का संदेश दिया गया।