डीग में तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, बेंचों में सुनवाई कर समझाइश से निपटाए गए मामले
नवीन न्यायालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी समझाइश से लंबित और प्री-लिटिगेशन मामलों का सौहार्दपूर्ण समाधान किया गया।
डीग के नवीन न्यायालय परिसर में शनिवार को आयोजित तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का जिला एवं सत्र न्यायाधीश उपेन्द्र शर्मा और पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ कांबले ने फीता काटकर विधिवत शुभारंभ किया।
डीग, 10 अक्टूबर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को नवीन न्यायालय परिसर, डीग में वर्ष 2026 की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित और प्री-लिटिगेशन स्तर के मामलों का आपसी समझाइश, काउंसलिंग और राजीनामे के माध्यम से निस्तारण किया गया। बैंक ऋण एवं वित्तीय संस्थानों से जुड़े विवादों में भी पक्षकारों को समझाइश देकर सौहार्दपूर्ण समाधान की प्रक्रिया अपनाई गई।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, डीग के अध्यक्ष उपेन्द्र शर्मा, पुलिस अधीक्षक डीग शरण गोपीनाथ कांबले तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राम किशन शर्मा ने संयुक्त रूप से फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर किया।
लोक अदालत के सुचारू संचालन तथा मामलों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निस्तारण के लिए डीग न्याय क्षेत्र में कुल 9 विशेष बेंचों का गठन किया गया, जबकि मुख्यालय पर 3 बेंचें गठित की गईं। डीग मुख्यालय की बेंच संख्या-1 में अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्रीमती सरोज मीणा अध्यक्ष तथा पैनल अधिवक्ता प्रवीण चौधरी सदस्य रहे। बेंच संख्या-2 में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नमोनारायण मीणा अध्यक्ष और पैनल अधिवक्ता पवन कुमार जायसवाल सदस्य रहे। राजस्व मामलों के लिए नायब तहसीलदार सुश्री वसुधा शर्मा को सदस्य बनाया गया। प्रो-बोनो बेंच में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राम किशन शर्मा अध्यक्ष तथा प्रवीण कुमार चौधरी सदस्य रहे।
डीग जिले की अधीनस्थ तालुका विधिक सेवा समितियों में भी राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की गई। विभिन्न समितियों के अंतर्गत गठित बेंचों में न्यायिक अधिकारियों ने मामलों की सुनवाई कर उनका निस्तारण किया। लोक अदालत की विभिन्न पीठों के समक्ष न्यायालयों में लंबित तथा प्री-लिटिगेशन स्तर के मामलों को काउंसलिंग और आपसी समझाइश के माध्यम से सुलझाया गया।
बैंक ऋण एवं वित्तीय संस्थानों से संबंधित विवादों के निस्तारण पर भी विशेष ध्यान दिया गया। बैंकों और वित्तीय संस्थानों के एनपीए तथा ऋण वसूली से जुड़े मामलों में ब्याज और मूलधन पर विशेष छूट देकर राजीनामा कराया गया। लोक अदालत के माध्यम से दोनों पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में विवादों का स्थायी समाधान कराने का प्रयास किया गया, जिससे पक्षकारों के समय और धन की बचत हुई।
इस अवसर पर अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्रीमती सरोज मीणा, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नमोनारायण मीणा, तालुका विधिक सेवा समिति नगर के अपर जिला न्यायाधीश निखिल सिंह एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-2 प्रतीक दाधीच उपस्थित रहे। तालुका विधिक सेवा समिति कामां से अपर जिला न्यायाधीश डॉ. मनोज कुमार तिवारी एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या सुश्री नीलोफर, तालुका विधिक सेवा समिति कुम्हेर से अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बृजेश कुमार तथा तालुका विधिक सेवा समिति सीकरी से अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मुकेश कुमार भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में बार एसोसिएशन डीग के अध्यक्ष सुबोध पाराशर, उपखण्ड अधिकारी डीग अमित कुमार मीणा, नायब तहसीलदार खोह सुश्री वसुधा शर्मा, पैनल अधिवक्ता प्रवीण चौधरी, पवन कुमार जायसवाल और पुष्पेन्द्र सिंह सहित लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) के चीफ विनोद कुमार शर्मा एवं डिप्टी चीफ राजेंद्र कुमार शर्मा उपस्थित रहे। राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से न्यायालयों में लंबित और प्री-लिटिगेशन मामलों के निस्तारण के साथ बैंक ऋण एवं वित्तीय विवादों को आपसी सहमति से सुलझाने पर जोर दिया गया।