पूछरी का लोटा में सर्पदंश से 12 वर्षीय इकलौते बेटे की मौत, अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिलने पर हंगामा
पूछरी का लोटा में रात को डॉक्टर न मिलने पर परिजनों का फूटा गुस्सा, तहसीलदार ने कराया पोस्टमार्टम।
परिजन बच्चे के शव को गोद में उठाकर अस्पताल परिसर के बाहर खड़े दिखाई दे रहे हैं।
डीग। गिरिराज जी की सप्तकोशीय परिक्रमा मार्ग स्थित पूछरी का लोटा में सर्पदंश से 12 वर्षीय बालक की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि रात के समय उपजिला अस्पताल में डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने के कारण बालक को समय पर उपचार नहीं मिल सका। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में शव रखकर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
जानकारी के अनुसार, पूछरी का लोटा निवासी कृष्णा पुत्र पिंटू (12 वर्ष), जाति जाट, रविवार रात अपने घर में खाट पर सो रहा था। रात करीब 3:00 बजे उसे सर्प ने काट लिया, जिससे वह अचेत हो गया। परिजन तत्काल उसे उपचार के लिए पूछरी का लोटा स्थित उपजिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन आरोप है कि वहां डॉक्टर नहीं मिले। इसके चलते कृष्णा की स्थिति और नाजुक हो गई।
हालत गंभीर होने पर परिजन उसे भरतपुर लेकर रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही कृष्णा ने दम तोड़ दिया। बालक की मौत के बाद परिजन उसका शव वापस पूछरी का लोटा स्थित उपजिला अस्पताल लेकर पहुंचे और अस्पताल परिसर में रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए रात के समय अस्पताल में डॉक्टरों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई।
मामले की सूचना मिलने पर डीग तहसीलदार छोटेलाल मीणा और थाना अधिकारी वीरेंद्र गुर्जर मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों और परिजनों को समझाकर स्थिति पर नियंत्रण किया। इसके बाद पोस्टमार्टम करवाकर कृष्णा का शव परिजनों को सौंप दिया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि मृतक कृष्णा पुत्र पिंटू परिवार का इकलौता बेटा था। 12 वर्षीय बालक की सर्पदंश से मौत और रात के समय अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिलने के आरोपों के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल रहा।