भुसावर पंचायत समिति प्रधान पद की दौड़ तेज, भाजपा की पांच महिला दावेदारों ने ठोकी ताल
जनरल महिला के लिए आरक्षित भुसावर पंचायत समिति प्रधान पद के लिए भाजपा की पांच दावेदार मैदान में उतरी हैं, जिनमें एक ही परिवार की दो महिलाएं भी शामिल हैं।
भुसावर पंचायत समिति प्रधान पद की पांच महिला दावेदार चुनाव के संदर्भ में दिखाई दे रही हैं।
भुसावर पंचायत समिति के प्रधान पद को लेकर भारतीय जनता पार्टी में दावेदारी का दौर तेज हो गया है। जनरल महिला के लिए आरक्षित प्रधान पद की कुर्सी हासिल करने के लिए भाजपा की पांच महिला दावेदारों ने अपनी दावेदारी पेश की है। इनमें पूर्व सरपंच परिवारों से जुड़ी महिलाओं के साथ राजनीतिक रूप से सक्रिय परिवारों की महिलाएं भी शामिल हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, भुसावर पंचायत समिति क्षेत्र के वार्ड संख्या 4 की ग्राम पंचायत छौंकरवाड़ा खुर्द एवं झारौटी से आशा पत्नी सतेन्द्र पथैना प्रधान पद के लिए दावेदारी कर रही हैं। वहीं, वार्ड संख्या 17 की ग्राम पंचायत छौंकरवाड़ा कलां से पूर्व सरपंच नैमीसिंह चौधरी की पुत्रवधु रचना कुमारी ने भी प्रधान पद के लिए अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है।
इसी तरह वार्ड संख्या 16 की ग्राम पंचायत चैंटोली एवं सलैमपुर खुर्द से ज्ञानेंद्र भारद्वाज उर्फ बबलू (प्रधान) की पत्नी उमा शर्मा भी प्रधान पद की दौड़ में शामिल हैं। वार्ड संख्या 14 की ग्राम पंचायत सुहारी एवं घांटरी से पूर्व सरपंच कप्तान सिंह घांटरी की माता रामा देवी ने भी प्रधान पद के लिए अपनी दावेदारी जताई है।
इसके अलावा भुसावर पंचायत समिति के वार्ड संख्या 3 की ग्राम पंचायत पथैना से भाजपा की सुनीता पत्नी राजू राजा भी प्रधान पद की दावेदारी में पीछे नहीं हैं। उन्होंने भी इस पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की है। इस तरह प्रधान पद के लिए पांच महिलाओं ने अपना दावा मजबूत करने की कोशिश की है।
इस चुनाव में सबसे दिलचस्प स्थिति ग्राम पंचायत पथैना से सामने आई है, जहां एक ही परिवार की दो महिलाएं पंचायत समिति सदस्य पद के लिए चुनाव मैदान में हैं। जिठानी आशा पत्नी सतेन्द्र सिंह वार्ड संख्या 4 से छौंकरवाड़ा खुर्द एवं झारोटी क्षेत्र से चुनाव लड़ रही हैं, जबकि उनकी देवरानी सुनीता पत्नी राजू राजा वार्ड संख्या 3 की ग्राम पंचायत पथैना से अपनी किस्मत आजमा रही हैं।
गौरतलब है कि भुसावर पंचायत समिति का प्रधान पद जनरल महिला के लिए आरक्षित है। पंचायत समिति में कुल 19 वार्ड बनाए गए हैं। ऐसे में प्रधान पद की कुर्सी पर कब्जा जमाने के लिए किसी भी दावेदार को कम से कम 10 पंचायत समिति सदस्यों का समर्थन हासिल करना जरूरी होगा। पांच महिला दावेदारों के सामने अब सदस्य संख्या का बहुमत जुटाना अहम रहेगा।