सफाई कर्मचारी भर्ती: पूर्व विधायक पानाचंद मेघवाल ने CM भजनलाल को लिखा पत्र
वाल्मीकि समाज के अभ्यर्थियों को अनुभव प्रमाण-पत्र से छूट देने और प्रमाण-पत्र के नाम पर हो रही कथित वसूली की जांच की मांग की गई है।
तस्वीर में पूर्व विधायक पानाचन्द मेघवाल हाथ में माइक थामकर बोलते हुए नजर आ रहे हैं।
बारां। राजस्थान में संविदा आधार पर की जा रही सफाई कर्मचारी भर्ती में अनुभव प्रमाण-पत्र की अनिवार्यता को लेकर बारां-अटरू के पूर्व विधायक पानाचन्द मेघवाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने वाल्मीकि समाज के पात्र अभ्यर्थियों को अनुभव प्रमाण-पत्र की अनिवार्यता से मुक्त रखने तथा प्रमाण-पत्र बनवाने के नाम पर कथित रूप से की जा रही राशि वसूली की निष्पक्ष जांच करवाने का आग्रह किया है।
पूर्व विधायक पानाचन्द मेघवाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को लिखे पत्र में कहा कि वाल्मीकि समाज पीढ़ियों से साफ-सफाई एवं स्वच्छता से संबंधित कार्य करता आया है। समाज के बड़ी संख्या में लोग सरकारी एवं निजी संस्थानों, चिकित्सालयों, होटलों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, गली-मोहल्लों तथा सार्वजनिक स्थानों पर वर्षों से सफाई कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इनमें अनेक सफाई श्रमिक ऐसे हैं, जिन्होंने नियमित या औपचारिक नियुक्ति के बजाय दैनिक मजदूरी, असंगठित क्षेत्र अथवा मौखिक व्यवस्था के तहत सफाई कार्य किया है। वर्षों का व्यावहारिक अनुभव होने के बावजूद ऐसे श्रमिकों के पास औपचारिक अनुभव प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं है। भर्ती प्रक्रिया में अनुभव प्रमाण-पत्र की अनिवार्यता उनके लिए अतिरिक्त प्रशासनिक एवं आर्थिक परेशानी बन रही है।
मेघवाल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि उनके संज्ञान में अनुभव प्रमाण-पत्र बनवाने के नाम पर अभ्यर्थियों से मोटी राशि मांगे जाने की शिकायतें भी आई हैं। उन्होंने इन शिकायतों की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की। साथ ही कहा कि यदि किसी व्यक्ति अथवा संस्था द्वारा अभ्यर्थियों से अनुचित राशि वसूलना पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
पूर्व विधायक ने कहा कि परम्परागत रूप से सफाई कार्य से जुड़े वाल्मीकि समाज के पात्र अभ्यर्थियों के लिए अनुभव प्रमाण-पत्र की अनिवार्यता समाप्त करने पर सरकार को विचार करना चाहिए। जहां अनुभव का सत्यापन आवश्यक हो, वहां महंगे या निजी स्तर पर बनवाए जाने वाले प्रमाण-पत्र के स्थान पर स्व-घोषणा पत्र, स्थानीय निकाय अथवा सक्षम अधिकारी द्वारा सरल सत्यापन जैसी पारदर्शी वैकल्पिक व्यवस्था लागू की जा सकती है।
मेघवाल ने मुख्यमंत्री से राज्य के सभी नगरीय निकायों एवं संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया, ताकि वर्षों से वास्तविक रूप से सफाई कार्य कर रहे श्रमिक केवल दस्तावेजी औपचारिकताओं के कारण भर्ती प्रक्रिया से वंचित न हों।
उन्होंने कहा कि सफाई कार्य से जुड़े परिवारों की व्यावहारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भर्ती प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जाना चाहिए, जिससे वास्तविक एवं जरूरतमंद सफाई श्रमिकों को रोजगार का अवसर मिल सके।
पूर्व विधायक पानाचन्द मेघवाल ने मुख्यमंत्री से इस मामले में शीघ्र निर्णय लेकर आवश्यक आदेश जारी करने का आग्रह किया है। पत्र की प्रतिलिपि स्थानीय निकाय एवं स्वायत्त शासन विभाग के मंत्री झाबरसिंह खर्रा को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित की गई है।