तस्वीर में लोग वंदे मातरम् 150वां वर्ष कार्यक्रम का पोस्टर प्रदर्शित करते हुए खड़े हैं।

बारां जिले में 25 सितंबर को प्रातः 11 बजे एक साथ ‘वंदे मातरम्’ गान गूंजेगा। राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने के गौरवपूर्ण अवसर पर विद्या भारती के आह्वान पर जिले के सरकारी एवं गैर-सरकारी विद्यालयों सहित विभिन्न कोचिंग संस्थानों में ‘नमामि भारतम्–वंदे मातरम्’ सामूहिक गान कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

इस आयोजन में हजारों विद्यार्थी, शिक्षक एवं नागरिक एक साथ राष्ट्रगीत का सामूहिक गान करेंगे। वंदे मातरम् आयोजन समिति के सदस्य, साहित्यकार एवं अखिल भारतीय कवि जगदीश सोनी ‘जलजला’ ने बताया कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित ‘वंदे मातरम्’ भारतीय जनमानस में राष्ट्रभाव और मातृभूमि के प्रति समर्पण का सशक्त प्रतीक रहा है। इसकी रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

जगदीश सोनी ‘जलजला’ ने बताया कि ‘नमामि भारतम्’ अभियान के माध्यम से देशभर में विद्यार्थियों एवं नागरिकों को सामूहिक रूप से जोड़कर ‘वंदे मातरम्’ के माध्यम से राष्ट्रभाव जागरण का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल सामूहिक गान तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय एकात्मता, सांस्कृतिक गौरव और मातृभूमि के प्रति सम्मान की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का अवसर है।

उन्होंने बताया कि एक ही समय में देशभर में लाखों लोगों का एक स्वर में ‘वंदे मातरम्’ गान राष्ट्र की सामूहिक चेतना और एकता का संदेश देगा। ‘जलजला’ ने बताया कि एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स एवं इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा ‘नमामि भारतम्’ के अंतर्गत सर्वाधिक विद्यार्थियों एवं जनसमुदाय द्वारा एक साथ, एक स्वर में किए जाने वाले ‘वंदे मातरम्’ गायन को प्रमाणीकरण हेतु सूचीबद्ध किया गया है।

उन्होंने जिले के सभी विद्यालयों, शिक्षण संस्थानों, विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं नागरिकों से आग्रह किया कि 25 सितंबर को प्रातः 11 बजे निर्धारित स्थानों पर सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गान कर इस ऐतिहासिक अवसर के सहभागी बनें।

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