बारां डोल मेला: रंगमंच पर भजन संध्या और महारास की प्रस्तुति, कलाकारों ने बांधा समां
विजय आर्ट्स कोटा के कलाकारों ने गणेश वंदना, महारास और भजनों की प्रस्तुतियां दीं, वहीं नारकोटिक्स विभाग ने नशे के खिलाफ शपथ दिलाई।
तस्वीर में दो कलाकार मंच पर राधा और कृष्ण की वेशभूषा में नृत्य कर रहे हैं।
बारां। डोल मेला रंगमंच पर बुधवार की रात भक्ति, संगीत और राधा-कृष्ण की प्रेममयी लीलाओं का ऐसा संगम देखने को मिला कि पूरा पांडाल भजनों की धुन पर झूम उठा। अनंत इवेंट के सहयोग से विजय आर्ट कोटा की ओर से आयोजित भजन संध्या में कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना से हुआ। इसके बाद सिंगर कल्पेश भारती ने गणेश वंदना की मनमोहक प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। गायिका ज्योति प्रजापति ने अपनी सुरीली आवाज में “सत्यम, शिवम, सुंदरम” तथा अन्य गीतों की प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण विजय मीणा और उनकी टीम की राधा-कृष्ण महारास की प्रस्तुति रही। करीब एक घंटे तक कलाकारों ने मंच पर राधा-कृष्ण की लीलाओं का जीवंत चित्रण किया। ग्रुप की ओर से प्रस्तुत “मुझको इशारों कर बुलाई गई रे, बरसाने की छोरी...” और “हमारो धन राधा, श्री राधा, श्री राधा...” जैसे भजनों की धुन गूंजते ही दर्शक भाव-विभोर होकर नृत्य करने लगे।
राधा-कृष्ण की मनोहारी झांकी और महारास ने पूरे माहौल को ब्रज की भक्ति में रंग दिया। कार्यक्रम में महाकाली का भव्य रूप देखकर दर्शक सन्नाटे में आ गए, वहीं श्री गणेशजी की आकर्षक झांकी ने भी खूब तालियां बटोरीं। कार्यक्रम देर रात तक चला।
कार्यक्रम के प्रारंभ में जयपुर से आए नारकोटिक्स विभाग की टीम ने सीआई सही राम के नेतृत्व में दर्शकों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। टीम ने अतिथियों एवं उपस्थित दर्शकों को किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने की शपथ भी दिलाई।
कार्यक्रम के दौरान डोल मेला अध्यक्ष नीरज नागर ने सभी कलाकारों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस दौरान नगर परिषद के थर्ड फ्रंट के पार्षद मुकुट बिहारी, केशव नागर, सुनीता, राखी इंदौरिया, शाहरुख, इसरार, अरशद, इरफान सहित अन्य जनप्रतिनिधियों का भी स्वागत किया गया।
डोल मेला अध्यक्ष नीरज नागर ने बताया कि शुक्रवार रात डोल मेला रंगमंच पर राजस्थानी लोक संस्कृति का भव्य कार्यक्रम आयोजित होगा। उन्होंने आमजन से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर लोक संस्कृति और मनोरंजन से भरपूर कार्यक्रम का आनंद लेने की अपील की।