बारां: विद्या भारती संकुल का आचार्य संगम आयोजित, 25 सितंबर को होगा वंदे मातरम् का गान
सीसवाली संकुल के आचार्यों ने राष्ट्रभाव व शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लिया, 25 सितंबर को राष्ट्रीय स्तर पर वंदे मातरम् आयोजन की बनी योजना।
तस्वीर में शनिधाम बोरडी में आयोजित आचार्य संगम कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि, वक्ता और अन्य अतिथि हाथ जोड़कर नमन करते हुए नजर आ रहे हैं, जबकि पृष्ठभूमि में प्रतिभागी शिक्षक जमीन पर बैठे हुए हैं।
बारां/सीसवाली में विद्या भारती शिक्षा संस्थान के सीसवाली संकुल के अंतर्गत संचालित अंता, सीसवाली एवं मांगरोल विद्यालयों के आचार्यों का आचार्य संगम समारोह शनिधाम बोरडी में उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह में आचार्यों ने शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रभाव से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में सहभागिता की।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विद्वत परिषद सदस्य एवं राष्ट्रीय कवि जगदीश सोनी ‘जलजला’ ने वंदे मातरम् के ऐतिहासिक एवं राष्ट्रीय महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, “वंदे मातरम् भारत की आत्मा है।” उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय चेतना, मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और राष्ट्रभक्ति का जीवंत प्रतीक है। इसी राष्ट्रभाव से प्रेरणा लेकर देश के असंख्य युवाओं ने स्वतंत्रता आंदोलन में अपना सर्वस्व न्योछावर किया और मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।
जगदीश सोनी ‘जलजला’ ने कहा कि वंदे मातरम् के 150वें वर्ष का अवसर देश की युवा पीढ़ी और समाज में राष्ट्रभक्ति की भावना को और अधिक सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण अवसर है। विद्या भारती की केंद्रीय योजना के अंतर्गत आगामी 25 सितंबर को प्रातः 11 बजे देशभर में एक साथ वंदे मातरम् गीत का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने आचार्यों का आह्वान किया कि वे इस आयोजन को विद्यालयों एवं समाज के व्यापक स्तर तक ले जाकर वंदे मातरम् के इतिहास, भाव और राष्ट्रीय महत्व से विद्यार्थियों एवं जनसामान्य को परिचित कराएं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सरोज दीक्षित रहे, जबकि अध्यक्षता जिला शिशु वाटिका प्रमुख गिरिराज वर्मा ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं वंदना से हुआ। अतिथियों का परिचय एवं स्वागत कुंजबिहारी राठौर, सीसवाली; नीरज रावल, प्रधानाचार्य अंता तथा शंभूदयाल पालीवाल, प्रधानाचार्य मांगरोल ने किया।
आचार्य संगम में वंदे मातरम् के 150 वर्ष एवं संत शिरोमणि रविदास के जीवन परिचय पर आधारित प्रश्नोत्तरी आयोजित की गई। इसके साथ ही विभिन्न शैक्षिक खेलों एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन हुआ। आचार्यों ने भजन एवं देशभक्ति गीतों के माध्यम से कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का संचालन ओमप्रकाश पंकज ने किया।
प्रचार प्रमुख मनोज नागर एवं मीडिया प्रभारी विजय रेनवाल ने बताया कि आचार्य संगम का उद्देश्य आचार्यों में आत्मीयता, संगठनात्मक एकता, निरंतर सीखने की भावना तथा राष्ट्र एवं समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करना है। समारोह में शैक्षिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रभाव से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से इसी उद्देश्य को केंद्र में रखा गया।