बारां में वैश्य महासम्मेलन का डांडिया महोत्सव 19 अक्टूबर को, 12 प्रतिभाएं होंगी सम्मानित
कार्यक्रम में कलेक्टर बालमुकुंद असावा मुख्य अतिथि होंगे और विजेताओं को 1 ग्राम सोना समेत अन्य पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
बारां में नवरात्र पर्व के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन का पांचवां जिला स्तरीय डांडिया रास महोत्सव 19 अक्टूबर, सोमवार को आयोजित होगा। शहर के कोटा रोड स्थित विवान गार्डन में होने वाले इस आयोजन में जिले की 12 प्रतिभाओं को प्रदेश स्तर पर वैश्य रत्न सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में डांडिया प्रतियोगिताओं के साथ विजेताओं को पुरस्कार भी दिए जाएंगे।
अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के जिलाध्यक्ष कमलेश कुमार विजयवर्गीय, महामंत्री सुरेश गोयल, महिला जिलाध्यक्ष मंजू गर्ग, महामंत्री शिल्पा ठाकुरिया, युवा अध्यक्ष पीयूष गर्ग और महामंत्री पीयूष जैन ने संयुक्त रूप से बताया कि महासम्मेलन का पांचवां जिला स्तरीय डांडिया रास महोत्सव इस वर्ष 19 अक्टूबर को विवान गार्डन में संपन्न होगा।
आयोजन में कलेक्टर बालमुकुंद असावा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वैश्य समाज की स्थानीय पंचायतों के अध्यक्षों के साथ वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष ललितमोहन खण्डेलवाल, यशभानु जैन, नीतू गुप्ता, आनन्द बंसल, भानू पोरवाल, हितेश कुमार खण्डेलवाल और भरत जैन भी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
डांडिया महोत्सव की तैयारियों में महिला टीम जुटी हुई है। महिला जिलाध्यक्ष मंजू गर्ग और महामंत्री शिल्पा ठाकुरिया के नेतृत्व में महिला सदस्य आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दे रही हैं। कार्यक्रम के दौरान कई प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इनमें विजेताओं को विभिन्न पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रतियोगिता का प्रथम पुरस्कार एक ग्राम सोना रखा गया है, जो विजेता प्रतियोगी को प्रदान किया जाएगा।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण राजस्थान प्रदेश अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन की ओर से दिया जाने वाला वैश्य रत्न सम्मान होगा। इसके तहत जिले की 12 प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा। इनमें प्रशासनिक अधिकारी, कुशल राजनीतिक और व्यापारिक क्षेत्र में प्रतिभा दिखाने वाले समाजसेवी तथा समाज में अग्रणी कार्य करने वाली प्रतिभाएं शामिल होंगी।
वैश्य रत्न सम्मान के लिए दिए जाने वाले सम्मान पत्र प्रदेश अध्यक्ष डॉ. एन.के. गुप्ता और ध्रुवदास अग्रवाल द्वारा प्रायोजित रहेंगे। डांडिया रास महोत्सव के माध्यम से सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के साथ वैश्य समाज की प्रतिभाओं को प्रदेश स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।