आदर्श विद्या मंदिर अटरू में रामस्वरूप शर्मा का प्रवास, कन्या भारती और बाल भारती का शपथ ग्रहण संपन्न
विद्या भारती के अखिल भारतीय सेवा संयोजक ने अटरू में शैक्षणिक व्यवस्था की समीक्षा की और नवनियुक्त छात्र पदाधिकारियों को शपथ दिलाई।
बारां जिले के अटरू स्थित आदर्श विद्या मंदिर में दो दिवसीय प्रवास के दौरान विद्यार्थियों और आचार्यों को संबोधित करते अखिल भारतीय सेवा संयोजक रामस्वरूप शर्मा।
बारां/अटरू। विद्या भारती चित्तौड़ प्रांत के अंतर्गत संचालित आदर्श विद्या मंदिर, अटरू में अखिल भारतीय सेवा संयोजक रामस्वरूप शर्मा का दो दिवसीय प्रवास संपन्न हुआ। इस दौरान विद्यालय के शैक्षणिक उन्नयन, प्रबंधन व्यवस्था, संस्कारित शिक्षा और विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर जोर दिया गया। प्रवास के दूसरे दिन कन्या भारती एवं बाल भारती का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हुआ, जिसमें नवनियुक्त पदाधिकारियों को शपथ दिलाकर मनोनयन पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के साथ हुआ। प्रवास का मुख्य उद्देश्य विद्यालय को शैक्षणिक, सुसंस्कृत एवं प्रबंधकीय दृष्टि से सशक्त बनाना तथा भैया-बहिनों में नेतृत्व क्षमता का विकास करना रहा।
दूसरे दिन आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में कन्या भारती की अध्यक्षा बहिन तुलसी शर्मा और बाल भारती के अध्यक्ष भैया तनिष्क मीणा को विद्यालय के पदाधिकारियों ने औपचारिक रूप से शपथ दिलाई। इसके साथ ही दोनों को मनोनयन पत्र प्रदान किए गए। नए पदाधिकारियों के मनोनयन से छात्र-छात्राओं में उत्साह देखा गया।
रामस्वरूप शर्मा के आगमन पर अतिथ्य व्यवस्था के तहत आवास और भोजन की समुचित व्यवस्था की गई। यह व्यवस्था प्रबंध समिति के सचिव घांसी लाल मेघवाल के सान्निध्य में रही।
प्रवास के दौरान प्रबंध समिति की विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें विद्यालय के आगामी विकास कार्यों और शैक्षणिक उन्नयन पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया। बैठक में अध्यक्ष अतुल पारीक, कोषाध्यक्ष प्रमोद शर्मा, संरक्षक मोहन लाल टेलर, उपाध्यक्ष बृजमोहन सोनी, सदस्य बालचंद पारेता, सदस्य रामराज वैष्णव और सदस्य बद्री लाल नागर उपस्थित रहे। विद्या भारती के जिला संस्कार एवं शिशु वाटिका प्रमुख गिरिराज वर्मा की विशेष उपस्थिति भी रही।
प्रातःकालीन वंदना दर्शन के दौरान रामस्वरूप शर्मा ने भैया-बहिनों के साथ सहभागिता की और उन्हें मार्गदर्शन दिया। डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती के अवसर पर उनके जीवन और आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए विद्यार्थियों को देशसेवा, अनुशासन और उच्च लक्ष्य निर्धारित करने के प्रति जागरूक किया गया।
कक्षा नायकों और छात्र प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में विद्यालय की व्यवस्थाओं तथा अनुशासन से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। वहीं, आचार्य बैठक में शैक्षणिक और गुणात्मक विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। आचार्य परिवार, प्रबंध समिति के सदस्यों और अभिभावकों के साथ संयुक्त संवाद बैठक भी आयोजित की गई। इसमें विद्यालय के चहुंमुखी विकास के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए और महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए गए।
प्रवास के दौरान विद्यालय की कक्षाओं का सघन अवलोकन किया गया। इस क्रम में शैक्षणिक व्यवस्थाओं और शिक्षण स्तर की समीक्षा की गई। विद्यालय के विकास और शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के गायन के साथ हुआ। दोपहर के सत्र में अतिथि को आत्मीय विदाई दी गई। दो दिवसीय प्रवास से विद्यालय परिवार, प्रबंध समिति, आचार्यों और भैया-बहिनों में विद्यालय के विकास के प्रति नई ऊर्जा, प्रेरणा और सकारात्मकता का संचार हुआ।
विद्यालय के प्रधानाचार्य सत्यनारायण पांचाल ने बताया कि इस प्रकार के आयोजनों से भैया-बहिनों के सर्वांगीण विकास और संस्कारित शिक्षा को नई दिशा मिलती है।