बारां में रामलीला मंच पर गूंजे वेद मंत्र, लघु गुरुकुल के बच्चों की वैदिक प्रस्तुति ने मोहा मन
महावीर कला मण्डल के रामलीला मंच पर आर्य समाज लघु गुरुकुल के विद्यार्थियों ने वैदिक संध्या और गायत्री मंत्र का सस्वर पाठ कर सम्मानित हुए।
बारां के प्रताप चौक पर महावीर कला मण्डल द्वारा आयोजित रामलीला महोत्सव में मंच पर बैठकर वेद मंत्रों और वैदिक संध्या का सस्वर पाठ करते आर्य समाज लघु गुरुकुल के विद्यार्थी।
बारां के प्रताप चौक पर महावीर कला मण्डल द्वारा आयोजित श्री रामलीला महोत्सव में उस समय वैदिक मंत्रोच्चार की गूंज सुनाई दी, जब आर्य समाज बारां के लघु गुरुकुल के विद्यार्थियों ने रामलीला मंच पर वैदिक संध्या, गायत्री मंत्र और वेद मंत्रों का सस्वर पाठ किया। छोटे-छोटे बच्चों की इस प्रस्तुति से पूरा पंडाल जय श्री राम के उद्घोष और वैदिक जयघोष से गूंज उठा। उपस्थित हजारों धर्मप्रेमियों ने बच्चों की प्रस्तुति को सराहा।
महावीर कला मण्डल के रामलीला मंच पर आर्य समाज बारां द्वारा संचालित लघु गुरुकुल के विद्यार्थियों ने अपनी वैदिक प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया। बच्चों ने वैदिक संध्या के साथ गायत्री मंत्र और वेद मंत्रों का सस्वर पाठ कर भारतीय वैदिक परंपरा और संस्कारों की झलक प्रस्तुत की।
इस अवसर पर लघु गुरुकुल के दर्श नामा, धीर नामदेव, धैर्य नामदेव, प्रिंस नामदेव, वरुण नामदेव, अंश अग्रवाल, अमोल अग्रवाल, आरव सिंगल और पीयूष मालव ने प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के दौरान महावीर कला मण्डल समिति की ओर से सभी बच्चों को माला पहनाकर और आर्य समाज का प्रतीक चिह्न दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
बच्चों का मार्गदर्शन और नेतृत्व आचार्य भानु प्रताप आर्य ने किया। उन्होंने कहा कि महावीर कला मण्डल ने लघु गुरुकुल के विद्यार्थियों को अपनी प्रस्तुति के लिए मंच प्रदान किया, इसके लिए वे आभारी हैं। उन्होंने बताया कि आर्य समाज बारां का उद्देश्य संस्कारवान और स्वस्थ पीढ़ी का निर्माण करना है। लघु गुरुकुल में बच्चों को नैतिक शिक्षा, प्राणायाम-योग, वेद-गायत्री मंत्र और अच्छे संस्कारों की शिक्षा दी जा रही है।
महावीर कला मण्डल के पदाधिकारियों योगेश गुप्ता, धर्मेंद्र शर्मा और लक्ष्मण वर्मा सागर आदि ने कहा कि रामलीला का मंच केवल लीला के मंचन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और संस्कारों के प्रसार का माध्यम भी है। लघु गुरुकुल के बच्चों की वैदिक प्रस्तुति ने इस उद्देश्य को सार्थक किया है।
महावीर कला मण्डल द्वारा पिछले दशकों से लगातार बेहतर रामलीला मंचन की परंपरा जारी है। इस सिलसिले को लेकर शहरवासियों ने श्री महावीर कला मण्डल के सभी पदाधिकारियों, जीवंत अभिनय करने वाले कलाकारों और सहयोगकर्ताओं की सक्रिय भूमिका पर प्रसन्नता व्यक्त की। रामलीला महोत्सव के मंच पर बच्चों की वैदिक प्रस्तुति ने धार्मिक आयोजन के साथ संस्कृति, नैतिक शिक्षा और संस्कारों के प्रसार के महत्व को भी सामने रखा।