बारां जिला परिषद वार्ड 12 से निर्मल माथोड़िया ने भरा नामांकन।

बारां जिले में पंचायतीराज चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी में लंबे समय तक सक्रिय रहे निर्मल माथोड़िया ने कांग्रेस में वापसी के बाद जिला परिषद के वार्ड संख्या 12 से नामांकन दाखिल कर चुनावी मैदान में अपनी दावेदारी पेश की है। कांग्रेस ने उन्हें इस वार्ड से प्रत्याशी बनाया है। उनकी उम्मीदवारी को जिले के बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माथोड़िया कांग्रेस की ओर से जिला प्रमुख पद के दावेदार भी हो सकते हैं।

पूर्व विधायक पानाचंद मेघवाल और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एडवोकेट भारत भूषण सक्सेना की अगवानी में निर्मल माथोड़िया ने अपना नामांकन पत्र प्रस्तुत किया। माथोड़िया लंबे समय तक भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रहे और संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई, लेकिन उन्हें पार्टी में कोई विशेष प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया। इसी वजह से उन्होंने भाजपा छोड़ने का मन बनाया था। इससे पहले वह कांग्रेस की विचारधारा से भी जुड़े रहे थे और जिले की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। हाल ही में भाजपा छोड़कर उन्होंने कांग्रेस में पुनः वापसी की।

गत 14 अक्टूबर को बारां में आयोजित कांग्रेस के कार्यकर्ता सम्मेलन में पूर्व मंत्री एवं अंता विधायक प्रमोद जैन भाया और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने निर्मल माथोड़िया को पार्टी की सदस्यता दिलाई थी। इस सम्मेलन में राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे थे। सम्मेलन के दौरान कांग्रेस ने आगामी पंचायतीराज चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने और संगठन को मजबूत करने का संदेश दिया था। अब माथोड़िया के जिला परिषद वार्ड संख्या 12 से चुनाव लड़ने के फैसले ने स्थानीय राजनीतिक गतिविधियों को चर्चा में ला दिया है।

दूसरी ओर, थर्ड फ्रंट ने बहुजन समाज पार्टी के चुनाव चिह्न हाथी के साथ चुनाव लड़ने की तैयारी पूरी कर ली है। इस मोर्चे ने लगभग 22 प्रत्याशियों की सूची भी जारी की है। सूची में वार्ड संख्या 7 से किशनगंज के पूर्व उपप्रधान संदीप शर्मा को प्रत्याशी बनाया गया है। उन्हें जिला प्रमुख का दावेदार भी घोषित किया गया है।

वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने अभी तक अपने प्रत्याशियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। पार्टी में उम्मीदवारों के चयन को लेकर गहन मंथन चल रहा है। भाजपा की ओर से प्रत्याशियों की सूची सामने आने के बाद चुनावी मुकाबले की तस्वीर और स्पष्ट होने की संभावना है।

जिला परिषद और पंचायतीराज चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के अलावा थर्ड फ्रंट के उम्मीदवार भी बहुजन समाज पार्टी के चुनाव चिह्न हाथी के साथ मैदान में उतर रहे हैं। इसके साथ ही आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी भी अपने चुनाव चिह्न झाड़ू के साथ चुनावी दंगल में कूद गए हैं। ऐसे में बारां जिले में मुकाबला केवल भाजपा और कांग्रेस तक सीमित नहीं रह गया है। विभिन्न दलों के प्रत्याशियों की मौजूदगी से चुनावी समीकरणों पर नजर बनी हुई है।

निर्मल माथोड़िया की कांग्रेस में वापसी और वार्ड संख्या 12 से उनकी उम्मीदवारी को दोनों प्रमुख दलों के कार्यकर्ता तथा राजनीतिक जानकार महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देख रहे हैं। भाजपा में लंबे समय तक रहने के बाद कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने के उनके फैसले पर सबकी नजर रहेगी। कांग्रेस के सामने अपने प्रत्याशी के समर्थन में माहौल बनाने की चुनौती होगी, जबकि माथोड़िया के लिए अपने पुराने राजनीतिक अनुभव और जनसंपर्क को मतों में बदलना अहम रहेगा।

फिलहाल वार्ड संख्या 12 में मुकाबला किस दिशा में आगे बढ़ेगा, यह प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार, स्थानीय मुद्दों और मतदाताओं के रुख पर निर्भर करेगा। जैसे-जैसे सभी दलों के प्रत्याशियों की सूची निश्चित होगी, वैसे-वैसे चुनावी तस्वीर और राजनीतिक समीकरण स्पष्ट होंगे। ऐसे में निर्मल माथोड़िया की उम्मीदवारी बारां जिले के पंचायतीराज चुनाव से पहले बदलते राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण बनी हुई है।


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