तस्वीर में बारां के अस्पताल के कुपोषित वार्ड में एक बेड पर बैठी महिला और पुरुष नजर आ रहे हैं, जिनके पास एक बच्चा लेटा हुआ है।

बारां में शहीद राजमल मीणा चिकित्सालय के कुपोषित वार्ड में उपचाररत बच्चों और उनके परिजनों के लिए भोजन की समस्या को दूर करने की जिम्मेदारी स्व. श्री ओमप्रकाश व्यास मानव सेवार्थ समिति बारां ने संभाल रखी है। समिति की ओर से जरूरतमंद परिवारों के लिए निःशुल्क भोजन सेवा लगातार संचालित की जा रही है।

समिति द्वारा सुबह और शाम भोजन पहुंचाया जाता है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बच्चों के उपचार के दौरान भोजन की परेशानी का सामना न करना पड़े। समिति के कोषाध्यक्ष शशांक शर्मा ने बताया कि जून से अगस्त माह तक कुल 873 परिजनों तक भोजन पहुंचाया गया। इस सेवा पर ₹17,460 की राशि व्यय हुई। समिति की नियमित व्यवस्था के तहत प्रतिदिन खिचड़ी, खीर, फल आदि भी उपलब्ध करवाए जाते हैं।

शशांक शर्मा ने बताया कि कुपोषित वार्ड में संचालित इस भोजन सेवा के लिए समिति सदस्यों और सहयोगियों द्वारा स्वेच्छा से राशि प्रदान की जाती है। आवश्यकता पड़ने पर बचा हुआ पूरा खर्च समिति स्वयं वहन करती है।

समिति के प्रवक्ता दिनेश शर्मा ने बताया कि कुपोषित वार्ड में इलाजरत बच्चों के परिजनों को पहले प्रतिदिन ₹225 की राशि नकद उपलब्ध करवाई जाती थी। इससे वे भोजन सहित अन्य आवश्यक खर्च चला लेते थे। बाद में सरकार ने योजना में बदलाव किया और इलाज के बाद राशि बैंक खाते में स्थानांतरित किए जाने जैसी व्यवस्था लागू की गई।

दिनेश शर्मा के अनुसार, कई मरीजों के परिजन आर्थिक रूप से सक्षम नहीं होने के कारण उपचार के दौरान भोजन और अन्य खर्चों को लेकर परेशान होने लगे। इसका असर बच्चों के इलाज पर भी पड़ने लगा और कुपोषित वार्ड के प्रभावित होने की स्थिति सामने आने लगी।

इसी दौरान इसकी जानकारी समिति परिवार को मिली। समिति ने इस समस्या को केवल समाज की समस्या न मानकर अपनी जिम्मेदारी समझा और उसी दिन से बच्चों तथा उनके परिजनों के लिए निःशुल्क भोजन व्यवस्था शुरू कर दी। यह सेवा आज भी निरंतर जारी है।

दिनेश शर्मा ने कहा कि समिति का उद्देश्य केवल भोजन उपलब्ध करवाना नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को यह विश्वास दिलाना है कि कठिन समय में समाज उनके साथ खड़ा है। “नर सेवा ही नारायण सेवा है” के भाव के साथ यह सेवा निरंतर जारी रहेगी।

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