कवाई के आदर्श विद्या मंदिर में दीपावली स्नेह मिलन समारोह के दौरान विचार व्यक्त करते वक्ता।

बारां/कवाई। दीपक की तरह स्वयं जलकर दूसरों के जीवन में प्रकाश फैलाने वाले आचार्य नई पीढ़ी के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी भाव के साथ विद्या भारती शिक्षा संस्थान के तत्वावधान में संचालित आदर्श विद्या मंदिर, कवाई में बुधवार को दीपावली अवकाश से पूर्व दीपावली स्नेह मिलन समारोह हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। समारोह में विद्यालय प्रबंध समिति के पदाधिकारियों, आचार्य-दीदी एवं अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य चौथमल शर्मा एवं प्रचार प्रमुख अनिल शर्मा ने बताया कि समारोह में सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक एवं जिला सेवा प्रमुख घासीलाल मेघवाल मुख्य अतिथि रहे। विद्या भारती शिक्षा संस्थान के जिला सचिव राजेंद्र कुमार शर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में विचार व्यक्त किए। सामाजिक कार्यकर्ता सत्यनारायण मित्तल एवं पवन गुर्जर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कवाई खंड संघचालक हंसराज मित्तल ने की।

मुख्य अतिथि घासीलाल मेघवाल ने उपस्थितजनों को दीपावली पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विद्या भारती का कार्य केवल शिक्षा प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला को सुदृढ़ करना भी उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पवित्र भाव से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की चिंता करते हुए उन्हें संस्कारवान, चरित्रवान एवं आदर्श नागरिक बनाने का संकल्प लेना चाहिए।

दीपावली के संदेश की व्याख्या करते हुए मेघवाल ने कहा कि जिस प्रकार दीपक स्वयं जलकर दूसरों के जीवन में प्रकाश फैलाता है, उसी प्रकार आचार्य भी अपने ज्ञान, समर्पण और त्याग के माध्यम से समाज को आलोकित करने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। नई पीढ़ी का भविष्य संवारने में आचार्यों की भूमिका दीपक के इसी समर्पण भाव के समान है।

मुख्य वक्ता राजेंद्र कुमार शर्मा ने अपने उद्बोधन में शिक्षा, संस्कार एवं राष्ट्रभक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल पुस्तकीय ज्ञान प्रदान करने का केंद्र नहीं, बल्कि राष्ट्र के भावी नागरिकों के निर्माण की महत्वपूर्ण कार्यशाला है। दीपावली का पर्व हमें अंधकार से प्रकाश की ओर, निराशा से आशा की ओर तथा स्वार्थ से सेवा की ओर बढ़ने की प्रेरणा देता है।

समारोह के दौरान उपस्थित आचार्यों ने भी अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर प्रबंध समिति के पदाधिकारियों एवं मंचासीन अतिथियों ने सभी आचार्यों को उपहार एवं मिष्ठान भेंटकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंत में प्रबंध समिति के सचिव मनोज गौतम ने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया। शांति मंत्र के साथ समारोह का समापन हुआ।

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