बारां जिला परिषद चुनाव में कांग्रेस, भाजपा और बसपा के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है।

बारां में जिला परिषद चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। दो चरणों में होने वाले चुनाव के लिए भाजपा, कांग्रेस और तीसरे मोर्चे के प्रत्याशियों ने गांव-गांव, गली-गली और ढाणी-ढाणी पहुंचकर जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है। प्रत्याशी घरों और बस्तियों तक पहुंचकर मतदाताओं से समर्थन मांग रहे हैं और विकास सहित विभिन्न मुद्दों पर वादे कर रहे हैं। दूसरी ओर, मतदाता फिलहाल पूरी तरह साइलेंट नजर आ रहे हैं। घर पहुंचने वाले लगभग सभी प्रत्याशियों को वे आश्वासन तो दे रहे हैं, लेकिन अपने रुख का खुलासा नहीं कर रहे हैं।

चुनाव की तस्वीर अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं होने के पीछे दो चरणों में मतदान होना भी एक प्रमुख कारण है। कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता फिलहाल अपने वार्ड को छोड़कर दूसरे वार्डों में प्रत्याशियों के समर्थन में जनसंपर्क कर रहे हैं। एक चरण का चुनाव संपन्न होने के बाद ये नेता और कार्यकर्ता दूसरे वार्डों में पहुंचकर अपने प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार अभियान को गति देंगे। भाजपा और कांग्रेस के साथ तीसरे मोर्चे के प्रत्याशी भी मतदाताओं तक पहुंचने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

कांग्रेस की ओर से प्रमोद जैन भाया, उर्मिला जैन भाया, पूर्व विधायक पानाचंद मेघवाल, करण सिंह राठौड़ और निर्मला सहरिया सहित अन्य नेता जनसंपर्क अभियान की कमान संभाले हुए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा शासन में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध नहीं हो रही है और कानून व्यवस्था की स्थिति अत्यधिक दयनीय है। युवा रोजगार के अभाव में सड़कों पर हैं तथा क्षेत्र में विकास नगण्य है। उनका कहना है कि विधायक और सांसद भाजपा के होने के बावजूद जनता उनके कार्यकलापों से नाराज है।

वहीं, भाजपा की ओर से प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कार्यकर्ताओं के साथ संवाद कर चुनावी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि सब अच्छा होगा और चुनाव को देखते हुए कार्यकर्ता प्रत्येक क्षेत्र में मेहनत कर रहे हैं।

छबड़ा-छीपाबड़ौद के विधायक प्रताप सिंह सिंघवी, राजेश सिंघवी, मंडल अध्यक्षों तथा पंचायत समितियों के प्रधान प्रेम मीणा और हरिओम नागर ने अपने-अपने क्षेत्रों में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में जनसंपर्क अभियान जारी रखा है। इसी तरह बारां-अटरू विधायक राधेश्याम बेरवा, जिलाध्यक्ष नरेश सिंह सिकरवार, पूर्व जिला प्रमुख नंदलाल सुमन, प्रधान मोरपाल सुमन और महामंत्री राकेश जैन सहित अन्य नेताओं ने कई प्रत्याशियों के समर्थन में घर-घर और बस्ती-बस्ती पहुंचकर प्रचार किया।

भाजपा नेताओं ने प्रचार के दौरान कहा कि राज्य में भाजपा की सरकार होने का लाभ गांव, गरीब और किसान को मिल रहा है। सरकार का विजन स्पष्ट है और उसमें सड़क, पानी, बिजली, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, रोजगार तथा शिक्षा जैसी मूलभूत आवश्यकताओं पर विशेष फोकस है।

दूसरी ओर, तीसरे मोर्चे की ओर से भी चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंकी जा रही है। नरेश मीणा, किशनगंज पंचायत समिति के पूर्व उप प्रधान संदीप शर्मा, पूर्व सभापति कमल राठौर, किशनगंज क्षेत्र के तीसरे मोर्चे के नेता रामहेत मीणा, प्रधान वंदना नगर, दीनबंधु धाकड़ और तेजेश सुमन सहित अन्य नेताओं ने क्षेत्र के कई प्रत्याशियों के समर्थन में जनसंपर्क किया।

तीसरे मोर्चे के नेता नरेश मीणा ने कहा कि आज गांव, गरीब और किसान की बात करने वाला कोई जनप्रतिनिधि नहीं है। कांग्रेस और भाजपा के अधिकतर नेता हाई-फाई हो गए हैं, जिन्हें गांव की धूल-मिट्टी में रहने की आदत नहीं रही है और वे वीआईपी कल्चर में रहते हैं। उन्होंने कहा कि जो नेता मां-माटी-मानुष से लगाव नहीं रखता और गांव की जनता से जुड़ाव नहीं रखता, उसे जनता सबक भी सिखा देती है।

नरेश मीणा ने कहा कि आज हालात ऐसे बना दिए गए हैं कि देश का अन्नदाता किसान दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है, युवा बेरोजगार हैं और कानून व्यवस्था बेकार है। उन्होंने लोगों से तीसरे मोर्चे की सरकार पर भरोसा रखने की अपील करते हुए कहा कि जनता का साथ उन्हें हृदय से मिलता रहा है और आगे भी मिलता रहेगा।

उन्होंने बताया कि जिला परिषद चुनाव में तीसरे मोर्चे भगत सिंह सेना के सभी प्रत्याशी बहुजन समाज पार्टी के चुनाव चिह्न हाथी पर चुनाव लड़ रहे हैं।

बारां जिला परिषद चुनाव में भाजपा, कांग्रेस और तीसरे मोर्चे के बीच मुकाबला लगातार तेज हो रहा है। राजनीतिक दलों के नेता और प्रत्याशी मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं, लेकिन मतदाताओं की खामोशी के चलते फिलहाल चुनावी समीकरण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं।

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