बारां में तीसरे चरण के पंचायत चुनाव की तैयारी पूरी, 418 बूथों पर आज 3.77 लाख मतदाता करेंगे मतदान
बारां की छह पंचायत समितियों में तीसरे चरण के चुनाव के लिए 418 मतदान केन्द्रों पर 3,77,853 मतदाता वोट डालेंगे। प्रशासन ने सुरक्षा, पहचान पत्र, दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा और मतदान दलों की तैयारियां पूरी कीं। पेंशनर्स के लिए भी 30 नवंबर तक जीवन प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य है।
तस्वीर में बारां के राजकीय कृषि महाविद्यालय में पंचायती राज चुनाव के तीसरे चरण के मतदान से पहले भाग ले रहे मतदान दल के कर्मी नजर आ रहे हैं।
बारां। पंचायती राज चुनाव-2026 के तीसरे चरण के मतदान को लेकर बारां जिले में प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिले की छह पंचायत समितियों नाहरगढ़, केलवाड़ा, शाहबाद, किशनगंज, मांगरोल और अंता में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के लिए मंगलवार को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक 418 मतदान केन्द्रों पर मतदान होगा। मतदान दलों के कार्मिकों को सोमवार को मांगरोल स्थित राजकीय कृषि महाविद्यालय में अंतिम प्रशिक्षण देने के बाद निर्धारित मतदान केन्द्रों के लिए रवाना किया गया। पंच-सरपंच पदों के लिए मतदान 5 नवंबर को होगा।
जिले की इन छह पंचायत समितियों में कुल 3,77,853 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। इनमें 1,92,266 पुरुष, 1,85,585 महिला और दो ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। पंचायत समिति अंता में 37,630 पुरुष और 36,445 महिला, केलवाड़ा में 31,327 पुरुष, 30,959 महिला और एक ट्रांसजेंडर, किशनगंज में 37,478 पुरुष, 36,453 महिला और एक ट्रांसजेंडर, मांगरोल में 28,564 पुरुष और 27,253 महिला, नाहरगढ़ में 25,604 पुरुष और 24,636 महिला तथा शाहबाद में 31,663 पुरुष और 29,839 महिला मतदाता हैं।
तीसरे चरण में कुल 147 ग्राम पंचायतों में चुनाव होंगे। जिला परिषद के 13, पंचायत समितियों के 90 और ग्राम पंचायतों के 1261 वार्डों के लिए 418 मतदान केन्द्र स्थापित किए गए हैं। पंचायत समिति अंता में 23, केलवाड़ा और किशनगंज में 28-28, मांगरोल में 18, नाहरगढ़ में 19 तथा शाहबाद में 31 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्यों के लिए ईवीएम से मतदान कराया जाएगा, जबकि पंच-सरपंच पदों के लिए मतपत्रों का इस्तेमाल होगा।
मतदान शुरू होने से पहले मंगलवार सुबह सभी मतदान केन्द्रों पर पोलिंग एजेन्टों की मौजूदगी में ईवीएम का मॉक पोल कराया जाएगा। इसके बाद मतदान प्रक्रिया शुरू होगी। मतदाता निर्धारित मतदान केन्द्र पर मान्य फोटोयुक्त पहचान पत्र प्रस्तुत कर अपने मताधिकार का उपयोग कर सकेंगे। शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी केन्द्रों पर पुलिस बल तैनात रहेगा। संवेदनशील मतदान केन्द्रों पर अतिरिक्त पुलिस जाप्ते की व्यवस्था की गई है। एरिया मजिस्ट्रेट, जोनल मजिस्ट्रेट और गश्तीदल लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर कानून व्यवस्था पर निगरानी रखेंगे।
मतदान केन्द्रों की 200 मीटर की परिधि में राजनीतिक गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी। मतदान समाप्त होने के बाद सभी मतदान दल ईवीएम और निर्वाचन सामग्री संग्रहण केन्द्र पर जमा कराएंगे। शत-प्रतिशत मतदान के उद्देश्य से निर्वाचन क्षेत्रों में सार्वजनिक और संवैतनिक अवकाश घोषित किया गया है। इसके साथ ही शांतिपूर्ण मतदान के लिए सूखा दिवस भी घोषित किया गया है।
मतदान दलों की रवानगी से पहले जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलक्टर बालमुकुंद असावा ने राजकीय कृषि महाविद्यालय में आयोजित अंतिम प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिकारियों और कार्मिकों को संबोधित किया। उन्होंने मतदान कार्य को कर्तव्यनिष्ठा, कुशलता और पारदर्शिता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी कार्मिक निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करते हुए स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करें।
कलक्टर ने मतदान केन्द्र पर पहुंचते ही आवश्यक तैयारियां पूरी करने, परिधि सीमा निर्धारित करने, मॉक पोल कराने और प्रपत्रों का संधारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने आपसी समन्वय के साथ चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराने पर जोर देते हुए कहा कि मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या आने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि सभी मतदान केन्द्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इस दौरान जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता सुनील शर्मा ने किया।
अंतिम प्रशिक्षण राजकीय कृषि महाविद्यालय में दो चरणों में आयोजित किया गया। सुबह 9 बजे शाहबाद, केलवाड़ा और नाहरगढ़ के मतदान दलों को प्रशिक्षण दिया गया, जबकि सुबह 11.30 बजे किशनगंज, अंता और मांगरोल के मतदान दलों का प्रशिक्षण हुआ। प्रशिक्षण स्थल तक पहुंचने के लिए प्रशासन की ओर से चारमूर्ति चौराहा से राजकीय कृषि महाविद्यालय तक निशुल्क बस सेवा उपलब्ध कराई गई। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद मतदान दलों ने निर्वाचन सामग्री प्राप्त की और आवंटित वाहनों से चैक पोस्ट पर एंट्री करवाकर अपने निर्धारित मतदान केन्द्रों के लिए प्रस्थान किया।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलक्टर बालमुकुंद असावा ने जिले के मतदाताओं से मंगलवार को होने वाले आम चुनाव में शत-प्रतिशत मतदान की अपील की। उन्होंने कहा कि जिले में शांतिपूर्ण चुनाव के साथ औसत से अधिक मतदान होता रहा है। स्वीप कार्यक्रमों के माध्यम से मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित किया गया है। उन्होंने सभी मतदाताओं से लोकतंत्र के हित में बढ़-चढ़कर मतदान करने का आग्रह करते हुए कहा कि मतदान महत्वपूर्ण नागरिक कर्तव्य होने के साथ लोकतंत्र की मजबूती का आधार है।
चुनाव पर्यवेक्षण के लिए नियुक्त ऑब्जर्वर अनुराग भार्गव भी मतदान दलों के अंतिम प्रशिक्षण और रवानगी के दौरान मौजूद रहे। उन्होंने प्रशिक्षण स्थल पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि निकाय चुनाव-2026 को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मध्यप्रदेश से सटी जिले की सीमा पर नाकाबंदी कर सघन जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया को अवैधानिक तरीके से प्रभावित करने वाले तत्वों के खिलाफ पुलिस सख्ती से कार्रवाई करेगी।
मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रत्येक केन्द्र पर वालंटियर तैनात रहेंगे। दिव्यांगजनों के लिए व्हीलचेयर और सहायक की व्यवस्था की गई है। महिलाओं की सहायता के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा सहयोगिनियों की ड्यूटी लगाई गई है।
मतदान के लिए मतदाताओं को अपना मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। यदि कोई मतदाता यह पहचान पत्र प्रस्तुत करने में असमर्थ रहता है तो राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अनुमोदित 11 वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों में से किसी एक का मूल दस्तावेज दिखाना अनिवार्य होगा। इनमें आधार कार्ड, वीबीजी रामजी/मनरेगा कार्ड, डाकघर द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक, श्रम मंत्रालय की योजना के अंतर्गत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड/आयुष्मान भारत हेल्थ कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, केन्द्र या राज्य सरकार, लोक उपक्रम अथवा पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को जारी फोटो पहचान पत्र, सांसदों एवं विधानसभा सदस्यों को जारी सरकारी पहचान पत्र और यूनिक डिसएबिलिटी आईडी कार्ड शामिल हैं।
इसी बीच जिला प्रशासन ने जिले के सभी राज्य सरकार के सिविल पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनर्स को 30 नवंबर तक जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1996 के नियम 134 के प्रावधानों के अनुसार सभी सिविल पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनर्स के लिए प्रत्येक वर्ष नवंबर में जीवन प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य है। निदेशालय पेंशन एवं पेंशनर्स कल्याण विभाग के निर्देशानुसार जिले के सभी संबंधित पेंशनर्स को निर्धारित समय सीमा में यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। ऑनलाइन माध्यम से पेंशनर्स जीवन प्रमाण पोर्टल और निर्धारित ऑनलाइन सुविधा के जरिए प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके अलावा आईएफएमएस 3.0 के माध्यम से राज्य सरकार में कार्यरत राजपत्रित और अराजपत्रित कर्मचारी, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को छोड़कर, अपनी एसएसओ आईडी से जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं।
ऑफलाइन प्रक्रिया के तहत पेंशनर्स संबंधित कोष कार्यालय या उप कोष कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी ई-मित्र केन्द्र पर जाकर भी यह सुविधा प्राप्त की जा सकती है।
कोषाधिकारी कल्पना विजय ने जिले के सभी पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनर्स से अपील की है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना समय रहते जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर दें, ताकि पेंशन भुगतान में किसी प्रकार की असुविधा या व्यवधान न हो। उन्होंने बताया कि निर्धारित समयावधि में जीवन प्रमाण पत्र जमा नहीं करने की स्थिति में नवंबर माह की पेंशन और पारिवारिक पेंशन का भुगतान नहीं किया जा सकेगा।