विद्या भारती का लक्ष्य संदेश और संगठन का ध्येय पत्र जयपुर स्थित बैठक के संदर्भ में दिख रहा है।

डिजिटल युग में संगठनात्मक गतिविधियों और शैक्षिक विचारों को समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाने के लिए तकनीकी दक्षता को आवश्यक बताते हुए विद्या भारती राजस्थान की राज्य स्तरीय प्रचार विभाग बैठक जयपुर स्थित सेवाधाम परिसर में आयोजित की गई। बैठक में सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग, डिजिटल सामग्री निर्माण और आधुनिक संचार माध्यमों के जरिए संगठन के कार्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने पर विस्तार से मंथन हुआ।

बैठक में जयपुर, जोधपुर एवं चित्तौड़ प्रान्त के प्रचार प्रमुखों, संवाददाताओं, सोशल मीडिया प्रमुखों तथा जिला सोशल मीडिया संयोजकों ने सहभागिता की। इसका मुख्य उद्देश्य आधुनिक डिजिटल तकनीक और सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग के माध्यम से विद्या भारती के शैक्षिक एवं सामाजिक कार्यों को समाज के अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रचार कार्यकर्ताओं की क्षमता और दक्षता विकसित करना रहा। कार्यक्रम का शुभारम्भ वंदना एवं प्रतिभागियों के परिचय के साथ हुआ।

उद्घाटन सत्र में क्षेत्र संगठन मंत्री गोविंद कुमार ने बदलते सामाजिक एवं तकनीकी परिदृश्य में प्रचार विभाग की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संगठन के विचार, कार्यपद्धति और शैक्षिक गतिविधियों को समाज तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना प्रचार विभाग का महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने प्रचार कार्य को संगठन की वैचारिक दृष्टि एवं ध्येय के अनुरूप अधिक प्रभावी, रचनात्मक और परिणामोन्मुख बनाने पर जोर दिया।

द्वितीय सत्र में सोशल मीडिया एवं डिजिटल तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। सौरभ अग्रवाल एवं डॉ. सुनील कुमार जांगिड़ ने विभिन्न तकनीकी विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान व्हाट्सएप के प्रभावी उपयोग, इंस्टाग्राम, फेसबुक एवं ट्विटर के माध्यम से संस्थागत गतिविधियों के प्रचार-प्रसार, वीडियो कंटेंट निर्माण तथा गूगल ड्राइव के जरिए डिजिटल सामग्री के व्यवस्थित संकलन, संग्रहण एवं साझा करने की प्रक्रिया समझाई गई।

तृतीय सत्र में त्रैमासिक पत्रिका ‘संस्कार राजस्थान’ की समीक्षा की गई। अखिल भारतीय सह प्रशिक्षण संयोजक राम मनोहर शर्मा ने पत्रिका की सामग्री, प्रस्तुति और प्राप्त सुझावों पर चर्चा की। उन्होंने पत्रिका को अधिक उपयोगी एवं प्रभावी बनाने के संबंध में मार्गदर्शन दिया।

चतुर्थ सत्र में डिजिटल सामग्री के संपादन एवं प्रभावी संप्रेषण से जुड़े पहलुओं पर विचार-विमर्श हुआ। इसमें समाचार एवं सोशल मीडिया सामग्री की तथ्यात्मक प्रामाणिकता, भाषाई शुद्धता, डिजिटल सामग्री के अभिलेखीकरण तथा विभिन्न संचार माध्यमों के जरिए संगठनात्मक गतिविधियों को समाज तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की व्यावहारिक प्रक्रियाओं पर चर्चा की गई।

समापन सत्र में क्षेत्रीय प्रचार प्रमुख नवीन कुमार झा ने बैठक के निष्कर्षों एवं आगामी वर्ष की कार्ययोजना पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रचार विभाग का उद्देश्य किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि विचार का प्रचार करना है। भारत-केंद्रित शिक्षा के सकारात्मक विमर्श के माध्यम से समाज में जागरण उत्पन्न करना तथा विद्या भारती के शैक्षिक एवं सामाजिक कार्यों को आधुनिक डिजिटल माध्यमों से अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाना सभी का सामूहिक दायित्व है।

नवीन कुमार झा ने प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे बैठक में प्राप्त तकनीकी जानकारी एवं कौशल को अपने-अपने प्रान्तों और जिलों में व्यवहार में लाएं। उन्होंने विशेष रूप से गुणवत्तापूर्ण सामग्री निर्माण, समयबद्ध प्रचार, रचनात्मक प्रस्तुति और डिजिटल माध्यमों के सकारात्मक उपयोग पर जोर दिया। धन्यवाद ज्ञापन एवं शांति मंत्र के साथ राज्य स्तरीय प्रचार विभाग बैठक का समापन हुआ।

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