चारगड नदी में पानी छोड़ने की मांग पर शिवसेना का चक्काजाम सफल, प्रशासन ने दी मंजूरी
प्रशासन ने 25 से 30 अक्टूबर के बीच बांध से नदी में पानी छोड़ने का लिखित आदेश दिया है, जिससे किसानों और पशुओं को राहत मिलेगी।
चारगड नदी में पानी की मांग को लेकर शिवसेना (UBT) कार्यकर्ताओं ने अमरावती में प्रदर्शन किया।
अमरावती में चारगड नदी के पात्र में पानी छोड़ने की मांग को लेकर शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे पक्ष की ओर से किया गया चक्काजाम आंदोलन सफल होता दिखाई दे रहा है। किसानों और पशुओं के सामने बढ़ती जल समस्या को देखते हुए प्रशासन ने नदी में पानी छोड़ने की मांग स्वीकार कर ली है। संबंधित विभाग ने 25 अक्टूबर से 30 अक्टूबर के बीच नदीपात्र में पानी छोड़ने का लिखित पत्र जारी किया है।
सोमेश्वर शहाणे के अनुसार, अकाल जैसी परिस्थितियों के चलते पूरे परिसर में पानी की समस्या बढ़ती दिखाई दे रही है। इसका असर किसानों के साथ-साथ पशुओं पर भी पड़ रहा है। किसानों और पशुओं को पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चारगड नदी पर बनाए गए बांध से नदीपात्र में पानी छोड़ने की मांग की गई थी।
इस मांग को लेकर शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे पक्ष के अमरावती जिला युवा सेना प्रमुख उमेश शहाणे के नेतृत्व में आंदोलन किया गया। किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने आंदोलन की दखल ली और चारगड लघु प्रकल्प की मुख्य अतिवाहिनी से 1.20 सेंटीमीटर पानी नदीपात्र में छोड़ने की बात स्वीकार की।
प्रशासन की ओर से इस संबंध में लिखित पत्र भी जारी किया गया है। संबंधित विभाग ने 25 अक्टूबर से 30 अक्टूबर के बीच चारगड नदीपात्र में पानी छोड़ने की समयसीमा निर्धारित की है। इससे नदी के किनारे खेती करने वाले किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही, पशुओं को भी पीने के लिए पानी उपलब्ध हो सकेगा।
चारगड नदी में पानी छोड़ने की मांग को लेकर उमेश शहाणे के नेतृत्व में किया गया शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे पक्ष का आंदोलन अब सफल होता दिखाई दे रहा है। प्रशासन की लिखित सहमति से नदी किनारे खेती करने वाले किसानों और पानी के लिए परेशान पशुओं को राहत मिलने का रास्ता खुला है।