वाशिम में फार्मासिस्ट सप्ताह पर निकाली गई जनजागरूकता रैली में शामिल विद्यार्थी।

महाराष्ट्र के वाशिम शहर में फार्मासिस्ट सप्ताह के अवसर पर विभिन्न फार्मेसी महाविद्यालयों की ओर से जनजागरूकता रैली निकाली गई। इस दौरान विद्यार्थियों ने पथनाट्य के माध्यम से प्रतिजैविकों (एंटीबायोटिक्स) के इस्तेमाल, उनके दुष्प्रभावों और स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतने को लेकर लोगों को जागरूक किया।

यह रैली डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर चौक से छत्रपति शिवाजी महाराज चौक तक निकाली गई। इसमें विभिन्न फार्मेसी महाविद्यालयों के प्राध्यापक और विद्यार्थी बड़ी संख्या में शामिल हुए। रैली के दौरान विद्यार्थियों ने प्रतिजैविकों के बारे में जनजागरूकता फैलाने के लिए पथनाट्य प्रस्तुत किया। इसके साथ ही प्रतिजैविकों के दुष्प्रभावों और स्वास्थ्य की देखभाल से संबंधित संदेशों के जरिए लोगों को जागरूक किया गया।

रैली में विद्यार्थियों ने "सुरक्षित औषधि, स्वस्थ समाज-यही फार्मासिस्ट की सच्ची सेवा!" और "फार्मासिस्ट-स्वास्थ्य सेवा का भरोसेमंद साथी!" जैसे नारे लगाए। हाथों में संदेश लिखी तख्तियां लेकर उन्होंने सुरक्षित दवा उपयोग और स्वास्थ्य सेवाओं में फार्मासिस्ट की भूमिका के प्रति लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

इस अभियान के माध्यम से समाज को यह संदेश दिया गया कि फार्मासिस्ट डॉक्टर और मरीज के बीच एक अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी हैं। दवाओं के उचित उपयोग और मरीजों को सुरक्षित औषधि संबंधी जानकारी देने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है।

विद्यार्थियों ने लोगों को बिना आवश्यकता या डॉक्टर की सलाह के बिना दवाएं नहीं लेने के प्रति जागरूक किया। विशेष रूप से प्रतिजैविकों का मनमाने ढंग से इस्तेमाल करने से बचने का संदेश दिया गया। फार्मासिस्ट सप्ताह के तहत आयोजित इस रैली और पथनाट्य का मुख्य उद्देश्य दवाओं के सुरक्षित उपयोग, प्रतिजैविकों के दुष्प्रभावों और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।

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