बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में अलर्ट
आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी, एहतियातन 27 से 29 अक्टूबर तक स्कूल-कॉलेज बंद।
चक्रवाती तूफान और भारी बारिश के अलर्ट के बीच स्कूल बंद रहने की जानकारी दी गई है।
बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब डिप्रेशन में बदल गया है और इसके तेजी से तीव्र होने के साथ अति तीव्र चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की आशंका जताई गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। संभावित खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश और ओडिशा के प्रभावित तटीय क्षेत्रों में 27 से 29 अक्टूबर तक स्कूल-कॉलेज बंद रखने की घोषणा की गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुमान के मुताबिक, यह चक्रवाती तूफान 28 अक्टूबर को सुबह करीब 6 बजे आंध्र प्रदेश और यानम के तट पर बापटला से विशाखापट्टणम के बीच टकरा सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है, जबकि इसकी गति 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी जा सकती है। तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं, ऊंची समुद्री लहरों और भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। दक्षिण ओडिशा भी इस तूफान से प्रभावित हो सकता है।
आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टणम, काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी, कृष्णा और गुंटूर जिलों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने राहत शिविर तैयार करने शुरू कर दिए हैं। खतरे वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। प्रशासन की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं, ताकि संभावित चक्रवाती तूफान के दौरान लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
ओडिशा में भी चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए गए हैं। गंजम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों में 28 से 29 अक्टूबर तक स्कूल और कॉलेज बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। वहीं, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के प्रभावित क्षेत्रों में 27 से 29 अक्टूबर के बीच शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी घोषित की गई है। भारी बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों को आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करने, अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। संबंधित एजेंसियां चक्रवाती तूफान के संभावित मार्ग और उसकी तीव्रता पर लगातार नजर रख रही हैं। अगले कुछ दिनों में तूफान की दिशा, हवा की गति और बारिश की स्थिति पर निगरानी के बीच आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बरतना महत्वपूर्ण होगा।