बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान की संभावना के चलते मौसम विभाग ने तटीय इलाकों में सुरक्षा और सतर्कता के निर्देश दिए हैं।

देश के कई हिस्सों में मौसम ने एक बार फिर से करवट ली है, और आने वाले बयालीस घंटे कई राज्यों के लिए बेहद भारी साबित हो सकते हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण देश के दक्षिणी और पूर्वी तटीय इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके साथ ही, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में पच्चीस से छब्बीस अक्टूबर तक एक भीषण चक्रवाती तूफान के विकसित होने की प्रबल संभावना जताई गई है, जिसके चलते प्रशासन और आम जनता को पूरी तरह सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।

उत्तर भारत में ठंड की दस्तक और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी

एक तरफ जहाँ तटीय इलाकों में चक्रवात और बारिश का संकट मंडरा रहा है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बर्फबारी का दौर जारी है। पहाड़ों पर हो रही इस बर्फबारी का सीधा असर मैदानी इलाकों पर भी पड़ रहा है, जहाँ ठंडी हवाओं ने अपनी आमद दर्ज करा दी है। इस बदलाव के साथ ही देश के कई हिस्सों में गुलाबी ठंड की औपचारिक दस्तक हो चुकी है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में पच्चीस अक्टूबर से लेकर तीस अक्टूबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर छिटपुट बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश में भी पच्चीस अक्टूबर को हल्की वर्षा दर्ज की जा सकती है। मैदानी राज्यों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में अट्ठाईस से उनतीस अक्टूबर के दौरान गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने के पूरे आसार हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनतीस और तीस अक्टूबर के बीच बारिश हो सकती है, जबकि पूर्वी राजस्थान में पच्चीस अक्टूबर और फिर उनतीस-तीस अक्टूबर के दौरान बारिश होने का अनुमान लगाया गया है। वहीं, उनतीस और तीस अक्टूबर के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से में भारी बारिश होने की संभावना है।

दक्षिण और तटीय क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश का कहर

दक्षिण भारत के कई राज्यों में पहले से ही बारिश का भारी असर देखने को मिल रहा है। दक्षिण-पूर्व अरब सागर और उससे सटे लक्षद्वीप क्षेत्र के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है, जिसके प्रभाव से मौसम काफी बिगड़ गया है:

  • तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
  • पिछले चौबीस घंटों के दौरान अकेले तमिलनाडु में इक्कीस सेंटीमीटर से अधिक की रिकॉर्ड बारिश दर्ज की जा चुकी है।
  • केरल और माहे के इलाकों में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी आशंका जताई गई है।
  • कर्नाटक के कुछ चुनिंदा स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने का अनुमान है।
  • लक्षद्वीप और उससे जुड़े दक्षिण-पूर्व अरब सागर के क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर वर्षा होने के आसार बने हुए हैं।

मध्य और केंद्रीय भारत में कब बदलेगा मौसम?

पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण राजस्थान के छिटपुट स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। इसके साथ ही, पश्चिमी मध्य प्रदेश में अट्ठाईस से तीस अक्टूबर के दौरान और पूर्वी मध्य प्रदेश में अट्ठाईस अक्टूबर को छिटपुट वर्षा होने की उम्मीद है। विदर्भ क्षेत्र में सत्ताईस अक्टूबर और उनतीस-तीस अक्टूबर को बारिश हो सकती है, जबकि छत्तीसगढ़ में सत्ताईस से तीस अक्टूबर के बीच लगातार वर्षा की संभावना है।

मौसम विभाग का कहना है कि अट्ठाईस और उनतीस अक्टूबर के दौरान मौसम का यह रुख सबसे अधिक उग्र रूप ले सकता है। इस दौरान छत्तीसगढ़, विदर्भ और पूर्वी मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में काफी भारी बारिश होने की संभावना है। इतना ही नहीं, सत्ताईस से उनतीस अक्टूबर के बीच इन तीनों क्षेत्रों में चालिस से पचास किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो बढ़कर साठ किलोमीटर प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती हैं। इन तेज़ हवाओं के साथ-साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है:

  • मौसम विभाग के अनुसार, सत्ताईस अक्टूबर को छत्तीसगढ़ में भारी बारिश हो सकती है।
  • अट्ठाईस अक्टूबर को विदर्भ के कई इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है।
  • अट्ठाईस से उनतीस अक्टूबर के दौरान छत्तीसगढ़ के तमाम हिस्सों में भारी पानी बरस सकता है।
  • उनतीस अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में भारी बारिश का अनुमान है।

चक्रवाती तूफान का सबसे ज्यादा असर कहां दिखेगा?

मौसम विभाग की विस्तृत रिपोर्ट के मुताबिक, इस चक्रवाती प्रणाली के खतरनाक प्रभावों के चलते सत्ताईस और अट्ठाईस अक्टूबर को तटीय आंध्र प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। इसके तुरंत बाद, अट्ठाईस अक्टूबर को ओडिशा और तेलंगाना के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश अपना भयंकर रूप दिखाएगी। इसके अलावा, अकेले ओडिशा में सत्ताईस और उनतीस अक्टूबर को भी भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इन सभी तटीय क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को अत्यधिक सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी गई है।

तेज हवाएं और समुद्र की खराब स्थिति की चेतावनी

समुद्र में उठने वाली हलचल को लेकर भी गंभीर चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि छब्बीस अक्टूबर की सुबह तक बंगाल की खाड़ी के ऊपर हवाओं की गति सत्तर से अस्सी किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जो झोंकों के साथ नब्बे किलोमीटर प्रति घंटा तक भी जा सकती है। इसके बाद, सत्ताईस अक्टूबर से आंध्र प्रदेश और ओडिशा के समुद्र तटों पर भी चालिस से पचास किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलना शुरू हो जाएंगी। समुद्र के भीतर ऊंची-ऊंची लहरें उठने की आशंका है, जिसके कारण समुद्री हालात बेहद खराब और खतरनाक बने रहेंगे। मछुआरों और समुद्र के पास जाने वाले लोगों को पूरी तरह से दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं।