बंगाल की खाड़ी में उठा नया बवंडर: मानसून की विदाई के बाद फिर मंडराया संकट, दक्षिण से लेकर मध्य भारत तक भारी बारिश की चेतावनी!
मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के क्षेत्र के असर से कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है।
बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और खराब मौसम के बीच समुद्र तट के पास रेत की बोरियों पर चलते लोग।
मौसम ने एक बार फिर करवट लेनी शुरू कर दी है और मानसून की विदाई के बाद देश के कई हिस्सों में हलचल तेज हो गई है। बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र (लो प्रेशर) बनने की पूरी परिस्थितियां तैयार हो रही हैं, जिसने कई राज्यों की चिंता बढ़ा दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 22 अक्टूबर 2026 को देश के 9 राज्यों में तेज हवाओं, गरज-चमक और मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। आइए जानते हैं कि इस बार मौसम का मिजाज कैसा रहने वाला है और किन-किन इलाकों में इसका असर देखने को मिलेगा।
बंगाल की खाड़ी और समुद्र में बन रहे नए मौसमी सिस्टम
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, इस समय कई चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) और निम्न दबाव के क्षेत्र सक्रिय हैं, जो आने वाले दिनों में मौसम को प्रभावित करेंगे:
- थाईलैंड और म्यांमार क्षेत्र: थाईलैंड की खाड़ी और आसपास के थाईलैंड-म्यांमार क्षेत्र में ऊपरी हवा का एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जो उत्तर अंडमान सागर की तरफ बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से 23 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्वी और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने का अनुमान है, जो आगे चलकर और अधिक तीव्र हो सकता है।
- दक्षिण-पश्चिम अरब सागर: अरब सागर में बना निम्न दबाव क्षेत्र अपनी जगह सक्रिय है और इसका चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा से होते हुए सोमालिया के तट की ओर आगे बढ़ रहा है। हालांकि, इससे भारत के उत्तर-पश्चिम या मध्य हिस्सों में किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं।
- तमिलनाडु तट: दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और तमिलनाडु तट के पास एक अन्य निम्न दबाव क्षेत्र बना हुआ है, जिसका असर दक्षिण भारत में लगातार बनी हुई बारिश की गतिविधियों के रूप में देखा जा रहा है।
22 अक्टूबर को इन 9 राज्यों और क्षेत्रों में रहेगा बारिश का मुख्य असर
मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक, 22 अक्टूबर को मुख्य रूप से दक्षिण भारत और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिलेगा। जिन 9 प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों के लिए यह अलर्ट जारी किया गया है, उनमें शामिल हैं:
- तमिलनाडु
- पुडुचेरी
- कराईकल
- केरल
- माहे
- आंध्र प्रदेश
- तेलंगाना
- मध्य प्रदेश
अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह, इसके अलावा लक्षद्वीप, गोवा और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी इसका असर देखने को मिल सकता है।
दक्षिण भारत में आफत वाली बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी
22 अक्टूबर को दक्षिण भारत के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती है।
- केरल, माहे और लक्षद्वीप: केरल और माहे के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा केरल तट और लक्षद्वीप क्षेत्र में समुद्र की स्थिति काफी खराब रह सकती है। यहाँ 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जो झोंकों में 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। इसलिए मछुआरों और समुद्र में जाने वाले लोगों को पूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
- तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल: यहाँ गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, और कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
- अन्य दक्षिणी राज्य: अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह, लक्षद्वीप और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। तटीय कर्नाटक में बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।
उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत का हाल (दिल्ली, यूपी, बिहार और राजस्थान)
दूसरी ओर, देश के उत्तर-पश्चिम, मध्य, पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में फिलहाल किसी बड़े मौसमी बदलाव या व्यापक बारिश की चेतावनी नहीं दी गई है।
- दिल्ली-एनसीआर: दिल्ली और आसपास के इलाकों में 22 अक्टूबर को मौसम आम तौर पर साफ रहने का अनुमान है। यहाँ फिलहाल बारिश की कोई उम्मीद नहीं है। हालांकि उत्तर हरियाणा और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के पास छोटे चक्रवाती परिसंचरण मौजूद हैं, लेकिन इनका कोई बड़ा असर दिल्ली के मौसम पर नहीं पड़ेगा।
- उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मौसम बुलेटिन में भी 22 अक्टूबर को किसी भारी बारिश या बड़े अलर्ट का जिक्र नहीं किया गया है। पूरे सप्ताह यहाँ मौसम सामान्य बने रहने की संभावना है।
- बिहार और झारखंड: बिहार और झारखंड के लिए जारी आईएमडी बुलेटिन में भी भारी बारिश या गरज-चमक को लेकर कोई विशेष चेतावनी नहीं दी गई है। यहाँ भी मौसम सामान्य बना रहेगा।
आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ का असर
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम में आगामी 24 अक्टूबर से बदलाव देखने को मिल सकता है, क्योंकि इस दौरान एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करना शुरू कर सकता है। पश्चिमी विक्षोभ भूमध्यसागरीय क्षेत्र की तरफ से आने वाली एक मौसमी प्रणाली है, जिसके असर से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी या मैदानी इलाकों में बादलों की आवाजाही हो सकती है। तब तक के लिए उत्तर भारत के ज्यादातर हिस्सों में मौसम स्थिर और शुष्क रहने की उम्मीद है।
यदि आप इनमें से किसी प्रभावित दक्षिण भारतीय राज्य या यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो स्थानीय मौसम अपडेट और प्रशासन की चेतावनियों पर विशेष नजर रखें। क्या आप इनमें से किसी विशेष राज्य के तापमान या आगामी दिनों के मौसम के बारे में और अधिक जानना चाहते हैं?