मदद गुरु ऐप: पंडित आयुष ने बताया देशभर में कैसे चलेगा अनोखा सेवा नेटवर्क
हापुड़ में ‘मदद गुरु’ ऐप के फाउंडर पंडित आयुष ने प्रेस वार्ता में देशभर में सेवा नेटवर्क की कार्यप्रणाली बताई। पत्रकारों के लिए मुफ्त कानूनी सहायता, डॉक्टर कंसल्टेशन और ब्लड व्यवस्था समेत कई सेवाएं मिलेंगी।
तस्वीर में हापुड़ में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मंच पर बैठे 'मदद गुरु' ऐप के फाउंडर पंडित आयुष और अन्य लोग दिखाई दे रहे हैं।
हापुड़ (उत्तर प्रदेश)। हापुड़ जनपद में ‘मदद गुरु’ ऐप (Madad Guru App) के फाउंडर पंडित आयुष ने प्रेस वार्ता कर ऐप के उद्देश्यों और कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह ऐप पूरे भारत में लोगों की आपातकालीन और रोजमर्रा की जरूरतों में सुरक्षा कवच की तरह काम करेगा।
पंडित आयुष के अनुसार, ‘मदद गुरु’ ऐप कोई साधारण प्लेटफॉर्म नहीं है। इससे देशभर के पत्रकार, वकील, डॉक्टर और हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज भी जुड़ चुके हैं। उनके मुताबिक, समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए ये अनुभवी लोग ऐप के माध्यम से जरूरतमंदों को सही गाइडेंस और मदद उपलब्ध कराएंगे।
उन्होंने बताया कि देश में किसी पत्रकार पर फर्जी मुकदमा दर्ज कराया जाता है तो ‘मदद गुरु’ ऐप के माध्यम से उसे पूरी कानूनी सहायता बिल्कुल नि:शुल्क दी जाएगी। इसके अलावा किसी बीमारी को लेकर परामर्श या सलाह की जरूरत होने पर ऐप से जुड़े डॉक्टरों से मुफ्त में कन्सल्ट किया जा सकेगा।
पंडित आयुष ने बताया कि देश के किसी भी कोने में किसी पत्रकार या उसके परिवार के सदस्य को खून की आवश्यकता होने पर ऐप का नेटवर्क उन्हें तुरंत और नि:शुल्क ब्लड उपलब्ध कराने में मदद करेगा।
ऐप की सबसे बड़ी विशेषता इसकी ‘म्युचुअल हेल्प’ यानी पारस्परिक सहयोग की नीति है। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति अपने गृह राज्य या जिले से बाहर किसी दूसरे राज्य या जिले में जाता है और वहां उसे किसी भी प्रकार की सहायता की आवश्यकता होती है, तो ऐप से जुड़े स्थानीय लोग उसकी मदद करेंगे।
इस व्यवस्था के तहत मदद लेने वाले व्यक्ति की भी जिम्मेदारी होगी। भविष्य में जब उसके अपने जिले में किसी अन्य बाहरी व्यक्ति को सहायता की जरूरत होगी, तो उसे आगे बढ़कर उसकी मदद करनी होगी। इसी चेन सिस्टम के जरिए ‘मदद गुरु’ ऐप पूरे भारत में एक मजबूत मददगार नेटवर्क तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है।
प्रेस वार्ता में पंडित आयुष ने इस मुहिम से जुड़े आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने बताया कि अब तक ‘मदद गुरु’ ऐप के माध्यम से 1,000 से अधिक लोगों की प्रत्यक्ष मदद की जा चुकी है, जबकि पूरे देश से 1 लाख से अधिक लोग इस ऐप के नेटवर्क से जुड़ चुके हैं।