हापुड़: इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर 22 लाख की ठगी, आरोपी महिला पर FIR दर्ज
सऊदी अरब में कार्यरत युवक से पैसे दोगुने करने के नाम पर ठगी का आरोप, CJM कोर्ट के आदेश पर देहात कोतवाली में मामला दर्ज हुआ।
तस्वीर में इंस्टाग्राम चैट, नोटों के बंडल, कोर्ट बोर्ड और परेशान व्यक्ति दिख रहा है।
हापुड़ (उत्तर प्रदेश) में इंस्टाग्राम के जरिए दोस्ती बढ़ाकर सऊदी अरब में नौकरी करने वाले युवक से करीब 82,000 सऊदी रियाल और 1 लाख भारतीय रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि महिला ने पैसे इन्वेस्ट कर दोगुने करने का झांसा देकर रकम अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करा ली। पैसे वापस मांगने पर पीड़ित परिवार को जान से मारने और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) हापुड़ के आदेश पर अब हापुड़ देहात कोतवाली में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पीड़ित परिवार ग्राम सुल्तानपुर (हापुड़ देहात) की रहने वाली गरीब विधवा महिला हुस्नआरा और उनका बेटा मोहसिन है। शिकायत में आरोपी महिला सोनाली वर्मा, निवासी मोहल्ला हर्ष विहार कॉलोनी, मोदीनगर रोड, हापुड़ पर करीब 82,000 सऊदी रियाल, जिसकी भारतीय कीमत करीब 21 लाख रुपये बताई गई है, और अलग से 1 लाख भारतीय रुपये ठगने का आरोप लगाया गया है।
पीड़ित पक्ष की ओर से कोर्ट में दिए गए शिकायती पत्र के अनुसार, करीब दो साल पहले सोनाली वर्मा ने इंस्टाग्राम के जरिए मोहसिन से संपर्क किया था। बातचीत के दौरान उसने मोहसिन को अपने विश्वास में लिया और मुनाफे का लालच देकर पैसे इन्वेस्ट कर डबल यानी दोगुने करने का झांसा दिया। महिला के झांसे में आकर मोहसिन ने अलग-अलग समय पर सऊदी नेशनल बैंक से करीब 82,000 सऊदी रियाल और 1 लाख रुपये भारतीय मुद्रा सोनाली के बैंक ऑफ इंडिया के खाते में ट्रांसफर कर दिए।
शिकायत के अनुसार, जून 2026 में मोहसिन सऊदी अरब से वापस अपने घर लौटा। इसके बाद परिवार ने सोनाली से रुपयों का हिसाब मांगा। आरोप है कि सोनाली ने ‘स्कीम क्लोजिंग’ का बहाना बनाकर टालमटोल शुरू कर दी। पैसे वापस मांगने पर उसने मोहसिन को बुलाकर उसके कुछ फोटो खींचे, गाली-गलौज की और घर से भगा दिया। पीड़िता और उसके परिवार को जेल भिजवाने तथा झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि 21 जुलाई 2026 को दोपहर के समय आरोपी महिला स्कूटी से पीड़िता के घर पहुंची और वहां भी गाली-गलौज कर हंगामा किया। पीड़ित परिवार के पास कथित ठगी से जुड़े बैंक ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप चैट सहित पुख्ता सबूत मौजूद होने की बात कही गई है।
पुलिस द्वारा शुरुआत में कोई सख्त कार्रवाई न किए जाने के बाद पीड़िता ने न्यायालय की शरण ली। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) हापुड़ के आदेश पर हापुड़ देहात कोतवाली में बीएनएस (BNS) की धारा 173(4) के तहत प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले में आगे की जांच शुरू कर दी है।
मामले में बैंक ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप चैट जैसे साक्ष्यों के आधार पर करीब 82,000 सऊदी रियाल और 1 लाख भारतीय रुपये की कथित ऑनलाइन ठगी की जांच अब पुलिस स्तर पर आगे बढ़ेगी।