हापुड़ के बदनौली में दलित युवक की मौत, 6 आरोपी गिरफ्तार, पुलिस बल तैनात
फायरिंग में घायल युवक के इलाज के दौरान दम तोड़ने के बाद बदनौली गांव में बढ़ा तनाव, पुलिस ने बाहरी लोगों के प्रवेश पर दी चेतावनी।
तस्वीर में पुलिस बल के जवान छतरी और सुरक्षा गियर के साथ सड़क पर तैनात हैं।
हापुड़ के बदनौली गांव में दो दिन पूर्व हुई गोलीबारी की घटना में गंभीर रूप से घायल दलित युवक दीपक की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। दीपक की मौत की खबर फैलते ही इलाके में आक्रोश बढ़ गया और गांव का माहौल तनावपूर्ण हो गया। सोशल मीडिया पर मृतक को न्याय दिलाने के लिए लोगों से बदनौली गांव पहुंचने की अपील की जा रही है, जिसके बाद विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता और लोग गांव की ओर जुटने लगे।
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया है। इसी बीच गांव में दाखिल होने की कोशिश कर रहे कुछ बाइक सवार युवकों की पुलिसकर्मियों से तीखी नोकझोंक हुई। युवकों ने पुलिस का बैरियर हटाया और जबरन गांव की ओर बढ़ गए। मौके पर मौजूद पुलिस बल उन्हें रोकने में विफल रहा।
दीपक की मौत के बाद सोशल मीडिया पर उसे न्याय दिलाने के लिए लगातार बदनौली गांव पहुंचने की अपीलें की जा रही हैं। इसके बाद कई संगठनों के कार्यकर्ता और अन्य लोग गांव की तरफ कूच कर रहे हैं। बाहर से आने वाले लोगों के कारण तनाव बढ़ने की स्थिति को देखते हुए गांव की सीमाओं पर पुलिस की तैनाती की गई है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच हापुड़ के अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) विनीत भटनागर ने एक आधिकारिक वीडियो बयान जारी कर स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस हिंसक वारदात में संलिप्त मुख्य आरोपियों सहित अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एएसपी ने कहा कि मामले में नामजद बाकी अपराधियों की धरपकड़ के लिए सख्त कार्रवाई की जा रही है और उन्हें भी बहुत जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
एएसपी विनीत भटनागर ने बाहरी तत्वों और प्रदर्शनकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि आरोपियों के खिलाफ पुलिस पहले से ही कठोरतम कानूनी कार्रवाई कर रही है। यदि किसी भी बाहरी व्यक्ति या संगठन ने गांव में आकर कानून-व्यवस्था (लॉ एंड ऑर्डर) बिगाड़ने, उसे प्रभावित करने या शांति भंग करने का प्रयास किया, तो उसके खिलाफ बिना किसी ढिलाई के सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
वर्तमान में बदनौली गांव में भारी पुलिस बल तैनात है और वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर कैंप कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन का प्रयास है कि दीपक की मौत के बाद बने तनावपूर्ण हालात नियंत्रण से बाहर न जाएं और गांव में कानून-व्यवस्था बनी रहे।