दीपावली पर हापुड़ पुलिस का बड़ा तोहफा, 12 लाख रुपये के 51 गुमशुदा मोबाइल बरामद
सर्विलांस टीम ने सीईआईआर पोर्टल की मदद से विभिन्न राज्यों से करीब 12 लाख रुपये के 51 खोए मोबाइल बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे।
हापुड़ पुलिस अधिकारी और नागरिक अपने बरामद मोबाइल फोन दिखाकर खुशी व्यक्त करते हुए।
दीपावली के अवसर पर हापुड़ पुलिस ने गुमशुदा मोबाइल फोन के स्वामियों को बड़ी राहत देते हुए 51 मोबाइल बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे। बरामद मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत करीब 12 लाख रुपये बताई गई है। अपने खोए हुए मोबाइल त्योहार के मौके पर वापस पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे।
पुलिस अधीक्षक हापुड़ मधुवन कुमार सिंह के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक के निकट पर्यवेक्षण में जनपदीय सर्विलांस टीम तथा थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की। टीम ने तकनीकी और पारंपरिक तरीकों की मदद से विभिन्न राज्यों और जनपदों से 51 गुमशुदा एवं खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए। इन मोबाइलों को सीईआईआर (CEIR) पोर्टल के माध्यम से ट्रैक कर उनके वास्तविक स्वामियों तक पहुंचाया गया।
अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र के आदेशानुसार जनपद में गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए विशेष अभियान चलाया गया था। अभियान के दौरान पुलिस और सर्विलांस टीम ने लगातार प्रयास करते हुए मोबाइल फोन की तलाश की और 51 मोबाइल बरामद करने में सफलता हासिल की।
दीपावली के अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बरामद सभी मोबाइल फोन उनके स्वामियों को सौंपे और उन्हें त्योहार की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। लंबे समय से खोए हुए मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने खुशी जाहिर की और हापुड़ पुलिस की इस कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त करते हुए पुलिस टीम की सराहना की।
इस बरामदगी अभियान को सफल बनाने वाली सर्विलांस सेल, जनपद हापुड़ की टीम में उपनिरीक्षक धीरज राठी, प्रभारी सर्विलांस सेल, उपनिरीक्षक ओमबीर सिंह, मुख्य आरक्षी 522 धर्मेंद्र सिंह, मुख्य आरक्षी 172 विदित कुमार, मुख्य आरक्षी 201 रोहित मलिक, मुख्य आरक्षी 780 सुमित गोस्वामी, मुख्य आरक्षी 488 अनुज कुमार, मुख्य आरक्षी 697 विशाल चौहान और आरक्षी अंकित शर्मा शामिल रहे।
हापुड़ पुलिस की इस कार्रवाई से 51 लोगों को उनके गुमशुदा मोबाइल वापस मिले। सीईआईआर पोर्टल की मदद से की गई इस बरामदगी के तहत करीब 12 लाख रुपये मूल्य के मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों तक पहुंचाए गए।