मुजफ्फरनगर में पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप की अध्यक्षता में आयोजित बोर्ड बैठक में विकास कार्यों के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई

शहर के विकास को लेकर नगरपालिका परिषद ने 100 करोड़ रुपये से अधिक की कार्ययोजना को मंजूरी दी है। इसके तहत सड़कों, गलियों, सार्वजनिक स्थलों, पेयजल, पथ प्रकाश और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे। शुक्रवार को धनतेरस के अवसर पर टाउनहाल स्थित नगरपालिका मुख्यालय के सभागार में आयोजित बोर्ड बैठक में विकास और अन्य महत्वपूर्ण मदों से जुड़े 112 प्रस्ताव सदन के सामने रखे गए। चर्चा के बाद प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी प्रदान की गई।

पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सबसे बड़ा बजट निर्माण और विकास कार्यों के लिए निर्धारित किया गया। करीब 64 करोड़ रुपये की लागत से शहर के विभिन्न वार्डों में 329 निर्माण, विकास और सौंदर्यीकरण के कार्य कराए जाएंगे। इसके अलावा पेयजल व्यवस्था पर लगभग 10 करोड़ और पथ प्रकाश व्यवस्था पर करीब तीन करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने, कर्मचारियों को वर्दी उपलब्ध कराने और चिकित्सा प्रतिपूर्ति से जुड़े प्रस्तावों को भी स्वीकृति मिली।

112 प्रस्तावों के एजेंडे पर हुई विस्तार से चर्चा

नगरपालिका बोर्ड बैठक की शुरुआत अधिशासी अधिकारी पवन कुमार द्वारा राष्ट्रगीत वंदेमातरम के बाद एजेंडा प्रस्तुत करने के साथ हुई। उन्होंने सदन के सामने 112 प्रस्ताव रखे। इसके बाद सदस्यों ने अपने-अपने वार्डों और शहर की जरूरतों से जुड़े विषयों पर चर्चा की। विकास कार्यों को लेकर सदन में सकारात्मक माहौल रहा। विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श के बाद प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही पिछली बोर्ड बैठक की कार्यवाही की पुष्टि भी की गई।

बैठक के प्रारंभ में वार्ड संख्या 33 की सभासद सीमा जैन पत्नी विकल्प जैन ने वहलना चौक के नामकरण से जुड़े प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप को पत्र सौंपकर कहा कि वहलना चौक जैन समाज के धार्मिक प्रतीक और आस्था से जुड़ी पहचान रखता है। उन्होंने महाराणा प्रताप के सम्मान को ध्यान में रखते हुए सुझाव दिया कि उनके नाम पर शहर में किसी अन्य स्थान का चयन कर भव्य स्मारक बनाया जाए। साथ ही जैन समाज की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए वहलना चौक के नामकरण प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया।

इस विषय पर सदन में चर्चा हुई। अधिशासी अधिकारी पवन कुमार ने स्पष्ट किया कि महाराणा प्रताप चौराहे का प्रस्ताव विचारार्थ रखा गया है।

64 करोड़ से 329 निर्माण कार्यों की योजना


 


पालिका की विकास कार्ययोजना में सबसे बड़ा हिस्सा निर्माण और विकास से जुड़े कार्यों का है। करीब 64 करोड़ रुपये की लागत से शहर के विभिन्न वार्डों में 329 कार्य कराए जाएंगे। इनमें सड़कों और गलियों का निर्माण, सार्वजनिक स्थानों का विकास, आवश्यक मरम्मत और सौंदर्यीकरण शामिल हैं।

योजना के तहत उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां लंबे समय से आधारभूत सुविधाओं की कमी महसूस की जा रही है। विभिन्न वार्डों की खराब सड़कों और गलियों की स्थिति सुधारने के साथ सार्वजनिक स्थलों को व्यवस्थित और आकर्षक बनाने की योजना है। शहर के फक्करशाह चौक का कायाकल्प भी इसी कार्ययोजना का हिस्सा है। लंबे समय से उपेक्षित इस चौक को बेहतर स्वरूप देने के लिए काम कराया जाएगा। इन कार्यों से प्रमुख सार्वजनिक स्थलों के विकास के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।

तीन करोड़ रुपये से खरीदी जाएंगी आधुनिक लाइटें

शहर की पथ प्रकाश व्यवस्था को मजबूत करने के लिए करीब तीन करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत आधुनिक फैंसी लाइट, हाईमास्ट लाइट और एलईडी स्ट्रीट लाइट खरीदी जाएंगी। योजना में 45 से 75 वाट तक की एलईडी स्ट्रीट लाइट शामिल हैं। इन्हें विभिन्न मार्गों और जरूरत वाले क्षेत्रों में लगाया जाएगा।

प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर हाईमास्ट लाइट लगाने की योजना है, जिससे रात के समय बेहतर रोशनी उपलब्ध हो सकेगी। पालिका का उद्देश्य शहर के अंधेरे वाले स्थानों को रोशन करने के साथ रात्रिकालीन आवागमन को सुविधाजनक बनाना है।

पेयजल व्यवस्था पर खर्च होंगे 10 करोड़ रुपये

शहरवासियों को बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए करीब 10 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को मंजूरी दी गई है। इसमें नगरपालिका की विस्तारित सीमा में शामिल नए क्षेत्रों तक पेयजल आपूर्ति पहुंचाने पर विशेष जोर रहेगा। इसके लिए नए क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाई जाएंगी।

पुराने पेयजल नेटवर्क को मजबूत करने के साथ जरूरत के अनुसार ट्यूबवेलों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। पुरानी पाइपलाइनों के उच्चीकरण का कार्य भी कराया जाएगा। शहर की आबादी और विस्तारित नगरपालिका सीमा को देखते हुए पेयजल व्यवस्था में सुधार की योजना बनाई गई है। नई पाइपलाइन बिछने और ट्यूबवेलों की क्षमता बढ़ने से उन इलाकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जहां फिलहाल पर्याप्त जलापूर्ति नहीं हो पाती।

सफाई व्यवस्था के लिए 50 अतिरिक्त कर्मचारी रखे जाएंगे

शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आउटसोर्सिंग के माध्यम से 50 अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति का प्रस्ताव भी पारित किया गया। इन कर्मचारियों की तैनाती से विभिन्न वार्डों में नियमित सफाई कार्य को गति देने की योजना है।

शहर की बढ़ती आबादी और नगरपालिका की विस्तारित सीमा को देखते हुए सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की मांग लंबे समय से महसूस की जा रही थी। अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति से सफाई व्यवस्था पर पड़ने वाला दबाव कम करने और सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

महापुरुषों के नाम पर चौराहों के नामकरण को मंजूरी

बोर्ड बैठक में शहर के सार्वजनिक स्थलों का नामकरण महापुरुषों के नाम पर करने से जुड़े प्रस्ताव भी रखे गए। इनमें महाराणा प्रताप और महर्षि वाल्मीकि के नाम पर चौराहों का नामकरण शामिल है। वहलना चौक के नामकरण को लेकर सभासद सीमा जैन की आपत्ति के बाद अधिशासी अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि महाराणा प्रताप के नाम पर चौराहे का प्रस्ताव विचारार्थ रखा गया है।

वहीं, महर्षि वाल्मीकि के नाम पर चौराहे के नामकरण के प्रस्ताव को बैठक में मंजूरी दे दी गई। पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप का कहना था कि महापुरुषों के नाम पर सार्वजनिक स्थलों का नामकरण करने का उद्देश्य उनके संघर्ष, बलिदान, आदर्शों और समाज के प्रति योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।

कर्मचारियों को वर्दी और चिकित्सा प्रतिपूर्ति की सुविधा

बैठक में नगरपालिका कर्मचारियों के हितों से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। दीपावली के अवसर पर सफाई कर्मचारियों सहित अन्य कर्मचारियों को मौसम के अनुरूप वर्दी उपलब्ध कराने के लिए भुगतान संबंधी प्रस्ताव पारित किया गया। इसके साथ ही कर्मचारियों की चिकित्सा प्रतिपूर्ति से जुड़े प्रस्तावों को भी स्वीकृति मिली। इन फैसलों से नगरपालिका कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

पूरे सदन ने विकास कार्यों को दिया समर्थन : मीनाक्षी स्वरूप

पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने कहा कि दीपावली के पर्व पर शहर के विकास के लिए प्रस्तुत व्यापक कार्ययोजना को पूरे सदन का समर्थन मिलना प्रसन्नता की बात है। शहरवासियों की सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए विकास कार्यों की योजना तैयार की गई है। इसका लाभ शहर के सभी क्षेत्रों और वर्गों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए नगरपालिका क्षेत्र में विकास कार्य कराए जाएंगे। सड़क, पेयजल, प्रकाश और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाना पालिका की प्राथमिकता है।

मीनाक्षी स्वरूप ने सभी सभासदों और सदन के सदस्यों का आभार जताते हुए कहा कि शहर के विकास के लिए सभी का सहयोग जरूरी है। सामूहिक प्रयासों से मुजफ्फरनगर को स्वच्छ, सुंदर और सुविधायुक्त शहर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।

अधिशासी अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि पालिका अध्यक्ष के निर्देश पर शहर की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 112 प्रस्तावों का एजेंडा तैयार किया गया था। सदन में प्रस्तावों पर चर्चा के बाद एजेंडे को मंजूरी दी गई। पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि भी की गई।

पालिका की इस कार्ययोजना के तहत अब 329 निर्माण कार्यों के साथ पेयजल, पथ प्रकाश और सफाई व्यवस्था से जुड़े प्रस्तावों के क्रियान्वयन पर नजर रहेगी। शहरवासियों को इन स्वीकृत योजनाओं का लाभ मिलने के लिए निर्धारित कार्यों का समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतरना महत्वपूर्ण होगा।

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