हापुड़ में वन विभाग की टीम ने नहर पुल पर पांच तेंदुए दिखने के वायरल वीडियो की गहन तकनीकी जांच की और स्थानीय लोगों से पूछताछ की.

हापुड़ में नहर पुल पर एक साथ पांच तेंदुए दिखाई देने के वायरल दावे की वन विभाग की जांच में पोल खुल गई। सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में तेजी से प्रसारित हो रही ‘नहर पुल पर एक साथ दिखे पांच तेंदुए, ग्रामीणों में खौफ’ की खबर पूरी तरह फर्जी साबित हुई है। वन विभाग की टीम की गहन और तकनीकी छानबीन में स्पष्ट हुआ कि क्षेत्र में किसी भी तेंदुए के देखे जाने की बात काल्पनिक और अफवाह मात्र थी।

मामले की संवेदनशीलता और ग्रामीणों में फैले डर को देखते हुए हापुड़ के डीएफओ गौतम सिंह ने स्वयं जांच की कमान संभाली। वह क्षेत्रीय वन अधिकारी मुक्तेश्वर और वन विभाग के पूरे स्टाफ के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और वायरल वीडियो की पड़ताल शुरू की।

जांच के दौरान वन विभाग की टीम ने उस व्यक्ति को भी मौके पर तलब किया, जिसने वीडियो को बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया था। अधिकारियों ने जब उसके मोबाइल फोन की जांच की तो वायरल दावे की असलियत सामने आ गई। यह वीडियो उस व्यक्ति के मोबाइल कैमरे से शूट नहीं किया गया था, बल्कि उसे व्हाट्सऐप पर मिला था। उसने वीडियो डाउनलोड किया और उसे स्थानीय घटना बताकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया।

वन विभाग के अधिकारियों ने वीडियो में दिखाई दे रहे बैकग्राउंड और वास्तविक घटना स्थल का भी मिलान किया। जांच में दोनों स्थानों के दृश्य और परिस्थितियों में कोई समानता नहीं मिली। वीडियो की पृष्ठभूमि और मौके की स्थिति में जमीन-आसमान का अंतर पाया गया। इसके बाद सख्ती से पूछताछ करने पर संबंधित व्यक्ति ने स्वीकार किया कि उसने वीडियो इंटरनेट से डाउनलोड किया था और उसे झूठी खबर के साथ प्रसारित किया।

डीएफओ गौतम सिंह ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की कि समाचार पत्र में प्रकाशित खबर पूरी तरह फेक वीडियो पर आधारित थी। मौके पर कोई तेंदुआ नहीं देखा गया है। वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसी भ्रामक और बिना पुष्टि वाली खबरों पर भरोसा न करें और न ही उन्हें आगे शेयर करें, ताकि अफवाह के कारण समाज में खौफ का माहौल न बने।

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