फतेहपुर में 700 महिला पुलिसकर्मियों को करवाचौथ पर छुट्टी, SP अभिमन्यु मांगलिक का फैसला
फतेहपुर में करवाचौथ पर करीब 700 महिला पुलिसकर्मियों को एकमुश्त छुट्टी देने के एसपी अभिमन्यु मांगलिक के फैसले से पुलिसकर्मियों को परिवार के साथ व्रत रखने का अवसर मिला। जानिए कैसे तय हुई अवकाश की व्यवस्था और क्या रही महिला पुलिसकर्मियों की प्रतिक्रिया।
फतेहपुर में एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने महिला पुलिसकर्मियों को करवाचौथ का अवकाश दिया।
फतेहपुर में पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के एक फैसले से जिले की करीब 700 महिला पुलिसकर्मियों को करवाचौथ पर परिवार के साथ व्रत मनाने का अवसर मिला है। छह साल की नौकरी में पहली बार करवाचौथ पर घर रहकर व्रत रखने जा रही महिला कांस्टेबलों से लेकर सब-इंस्पेक्टरों तक के लिए यह राहत खास है। एसपी ने महिला पुलिसकर्मियों को करवाचौथ मनाने के लिए एकमुश्त अवकाश देने का आदेश जारी किया। इस व्यवस्था में उन्हें छुट्टी के लिए अधिकारियों के पास आवेदन करने या प्रशासनिक प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ी।
फतेहपुर जिले के 23 थानों और 40 पुलिस चौकियों पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों को अवकाश देने के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए वैकल्पिक सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश भी दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने अधीनस्थ अधिकारियों को पहले से आवश्यक इंतजाम करने को कहा। इसके लिए सभी थाना प्रभारियों से उन महिला पुलिसकर्मियों की सूची मंगाई गई, जो करवाचौथ का व्रत रखना चाहती थीं।
एसपी अभिमन्यु मांगलिक के मुताबिक, पुलिस की जिम्मेदारी जितनी जरूरी है, उतनी ही महत्वपूर्ण पुलिसकर्मियों की धार्मिक और पारिवारिक भावनाएं भी हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले भदोही में तैनाती के दौरान भी उन्होंने करवाचौथ पर महिला पुलिसकर्मियों को अवकाश देने की पहल शुरू की थी। अब इसी व्यवस्था को फतेहपुर में भी लागू किया गया है।
अवकाश की सूचना मिलने के बाद महिला पुलिसकर्मियों में खुशी देखने को मिली। हाथों में मेहंदी रचाए महिला कांस्टेबल कुमारी ने भावुक होकर बताया कि छह साल के सेवाकाल में यह पहला मौका है, जब वह करवाचौथ पर घर रहकर अपने परिवार के साथ व्रत रख पाएंगी। उन्होंने इस अनुभव को अपने लिए किसी लग्जरी जैसा बताया।
कांस्टेबल अमृता सिंह ने भी इस फैसले पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि पुलिस की नौकरी चुनौतियों से भरी होती है और इसमें परिवार के साथ समय बिताने के अवसर कम मिलते हैं। अधिकांश महिला पुलिसकर्मी निर्जला व्रत रखती हैं। ऐसे में बिना अन्न-जल के धूप और तनाव के बीच फील्ड में ड्यूटी करना उनके लिए बेहद तकलीफदेह होता था। अवकाश मिलने से अब महिला पुलिसकर्मियों को बिना मानसिक दबाव के परिवार के साथ करवाचौथ मनाने का अवसर मिलेगा।
महिला पुलिसकर्मियों के प्रति संवेदनशील रुख अपनाने वाले आईपीएस अधिकारी अभिमन्यु मांगलिक 2018 बैच के अधिकारी हैं और मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के रहने वाले हैं। सिविल सेवा में आने से पहले उनका शैक्षणिक बैकग्राउंड कॉमर्स का था और उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) की पढ़ाई पूरी की थी। यूपीएससी परीक्षा पास करने से पहले वह एक निजी मल्टीनेशनल कंपनी में 16 लाख रुपये के सालाना पैकेज पर नौकरी कर रहे थे।
फतेहपुर में तैनाती से पहले अभिमन्यु मांगलिक सहारनपुर में एसपी सिटी और भदोही में भी सेवाएं दे चुके हैं। वह अपनी सख्त कार्यशैली और अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के लिए पहचाने जाते हैं। अब तक वह 41 से अधिक मुठभेड़ों का नेतृत्व कर चुके हैं। इनमें वाराणसी में डेढ़ लाख रुपये के इनामी कुख्यात बदमाश का एनकाउंटर भी शामिल है।
कर्तव्य निर्वहन में सख्ती के साथ अधीनस्थ पुलिसकर्मियों की धार्मिक और पारिवारिक भावनाओं का सम्मान करने की इस पहल के तहत फतेहपुर की करीब 700 महिला पुलिसकर्मियों को करवाचौथ पर अवकाश मिला है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए वैकल्पिक सुरक्षा व्यवस्था के निर्देशों के साथ लागू किए गए इस फैसले से पुलिस ड्यूटी और कर्मचारियों के पारिवारिक जीवन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश सामने आई है।